नई दिल्ली : अगर आप अक्षय तृतीया त्योहार से के मौके पर गोल्ड खरीदने की सोच रहे हैं। तो आपके लिए सोना खरीदना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 21 अप्रैल, 2023 को लगातार आलटाइम हाई से सोने और चांदी दोनों की कीमतें निचले स्तर पर कारोबार कर रही हैं। 5 जून, 2023 को मैच्योर होने वाला सोना वायदा भाव 128 रुपए या 0.20 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ करने के बाद 60,360 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते देखा गया। पिछला क्लोजिंग भाव 60,503 रुपए दर्ज किया गया था।

इसी तरह, 5 मई, 2023 को चांदी वायदा भाव में 288 रुपए या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखी और यह एमसीएक्स पर 75,501 रुपए के पिछले बंद भाव के मुकाबले 75200 रुपए प्रतिकिलो पर रिटेलर बिक्री करती हुई दिखी।

बता दें कि सोना 13 अप्रैल को अपने आलटाइम हाई के स्तर पर 61371 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते देखा गया था। इसके हिसाब से सोना अपने ऑलटाइम हाई से कम होकर 1011 रुपए सस्ता हो गया है। वहीं चांदी ने 14 अप्रैल को 77549 रुपए प्रति किलोग्राम के साथ हाई स्तर पर कारोबार किया। यानि चांदी अपने ऑलटाइम हाई से 2349 रुपए सस्ती हो गई है।

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डॉलर के स्थिर होने से आई गिरावट
बता दें कि प्रोडक्शन चार्ज, मेकिंग चार्ज और राज्य कर जैसे कुछ पैरामीटर के आधार पर सोने की कीमत देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को डॉलर के स्थिर होने से सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, हालांकि नरम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व के दर-वृद्धि चक्र में अगले महीने संभावित वृद्धि के बाद विराम की उम्मीदों पर लगाम लगाई है।

वहीं गुरुवार को 1 प्रतिशत बढ़ने के बाद हाजिर सोना भाव 0.1 प्रतिशत गिरकर 2,003.33 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार किया, जो कि 0102 जीएमटी था। वहीं चांदी हाजिर 0.2 फीसदी गिरकर 25.23 डॉलर प्रति औंस पर आ गयी। इस बीच, अमेरिकी सोना वायदा 0.2 प्रतिशत गिरकर 2,014.80 डॉलर पर आ गया।

सोने की मांग में सुधार होने की संभावना
घरेलू बाजार में कीमतों में हालिया गिरावट और अक्षय तृतीया से पहले सोने की मांग में सुधार होने की संभावना है, जिससे सोने को महंगाई के खिलाफ बचाव के रूप में माना जा रहा है, लेकिन अधिक ब्याज दरें नॉन-यील्ड देने वाली प्रॉपर्टी की अपील को कम कर देती हैं। डॉलर इंडेक्स स्थिर होने कारण करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए सोना कम अफोर्डेबल हो गया है।

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