corruption in corporation - स्टेट ऑडिट से खुली पोल, भर्राशाही से 27 करोड़ की क्षति
corruption in corporation - स्टेट ऑडिट से खुली पोल, भर्राशाही से 27 करोड़ की क्षति

विशेष संवादाता, रायपुर

रायपुर नगर निगम के जिम्मेदारों की उदासीनता से चौतरफा नुकसान हुआ है। लेटलतीफी, भर्राशाही का नतीजा है कि निगम को राजस्व आय में 60 फीसदी की क्षति उठानी पद रही है। ऐसी सिटी बस स्टॉप निर्माण में 5 साल पिछड़ने से 8 करोड़ 12 लाख 50 हज़ार का राजस्व नुकसान निगम उठाया है। अभी भी इस वजह से प्रति वर्ष 1 करोड़ 62 लाख 50 हजार की दर से आर्थिक हानि हो रही है। 10 साल की आय समीक्षा में मिली गड़बड़ी और कार्य में विलंब की वजह कुल 27 करोड़ 85 लाख 39 हज़ार 524 रूपये निगम के करता धर्ताओं ने बर्बाद कर दिया है।

यह सनसनीखेज़ खुलासा स्टेट ऑडिटर यानि की दक्षता संपरीक्षा रिपोर्ट से हुआ है। ऐसी सिटी बस स्टॉप के लेट निर्माण से करोड़ों का राजस्व नुकसान होने के साथ राजधानी की जनता को भी सुविधाओं से वंचित रखने का अपराध हुआ है। इसी तरह निगम क्षेत्र में विज्ञापन होर्डिंग्स, बस स्टॉप से लेकर सिटी बसों में विज्ञापन के लिए कोई पुख्ता निति निर्धारण नहीं किये जाने से भी राजस्व आंकड़ों में करोड़ों की क्षति की जिम्मेदारी भी निगम के आला औहदेदारों के मत्थे है।

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ये कहती है ऑडिट रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक विज्ञापन के पंजीयन एवं विनियमन की आदर्श उपविधि का अंगीकरण अत्यंत विलम्ब से रायपुर नगर निगम ने किया। इस वजह से 2012 के आदर्श उपविधि अंगीकृत करने के पूर्व 2012 से 2017-18 में ६ साल की अवधि में विज्ञापन से से प्राप्त औसत वार्षिक आय 2 करोड़ 48 लाख 23 हजार 858 रुपया थी। आदर्श उपविधि अंगीकृत करने के बाद 2018-19 से 2021-22 तक 4 साल में औसत वार्षिक आय विज्ञापन से 7 करोड़ 12 लाख 47 हज़ार 112 रूपये रही। विलम्ब से अंगीकृत करने से विज्ञापन मद में औसत वार्षिक आय 4 करोड़ 64 लाख 23 हजार 254 रूपये की हानि हुई है।

सुलगते सवाल

  1. विज्ञापन होर्डिंग्स के लिए क्यों 7 साल में कार्ययोजना तैयार नहीं की गई?
  2. 10 ऐसी सिटी बस स्टॉप निर्माण 5 सालों से किसकी गलती से अटका रहा?
  3. क्या निगम को करोड़ों के राजस्व हानि पहुँचाने वालों पर जिम्मेदारी तय होगी?
  4. सिटी बस, होर्डिंग्स और यूनिपोल से हुए विज्ञापन मद के हिसाब में भी झोल है?
  5. क्यों नगरीय प्रशासन मंत्रालय ने ऑडिट रिपोर्ट पर संज्ञान नहीं लिया ?
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