ED Wants Bungalow On Rent - ED को चाहिए 3 साल के लिए आलीशान बंगला, ऑनलाइन टेंडर जारी
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टीआरपी डेस्क

रायपुर। सियासत और सिंहासन के लिए गला काट स्पर्धा मची हुई है। ऐसे में ED की प्रताड़ना झेल रहे प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के सियासी भविष्य को लेकर तरह तरह की चर्चा है। ऐसे में नेता ही नहीं निगम के पार्षदों के बीच उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कयास लगना जारी है। सियासी गलियारे में मेयर एजाज को फिर से ईडी पूछताछ के लिए बुला सकती है। हालांकि ईडी उनसे तक़रीबन 5 बार पूछताछ कर चुकी है। लेकिन,अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में उनके भाई अनवर ढेबर से ED की पूछताछ के बाद रिमांड खत होते ही वो जेल अभिरक्षा में हैं। पूछताछ के दौरान चर्चाओं का बाजार इसलिए भी गर्म है कि कभी भी एजाज को ED बुलावा भेज सकती है। ऐसे में अगर कभी गिरफ़्तारी की चर्चा सच भी हुई तो ऐसी स्थिति के बाद पार्षदों का एक धड़ा परिस्थिति का पूरा लाभ लेने की फिराक में बैठा है।

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रायपुर उत्तर इलाके के एक युवा पार्षद ने तो अपने करीबी पार्षदों के साथ बैठक करना शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि एक बैठक में तो चार पार्षद थे। यही नहीं, उक्त युवा पार्षद ने भाजपा पार्षदों पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। बाकायदा एक सरकारी संस्थान के पदाधिकारी ने तो युवा पार्षद के लिए सोशल मीडिया पर माहौल बनाना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस के एक-दो पार्षद ऐसे भी हैं, जो उनकी जगह लेने के लिए उत्साहित हैं।

मेयर को हटाने के लिए नियम खंगालेने के साथ लॉबिंग शुरू

मेयर को हटने की स्थिति के लिए नियम खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सब कुछ पार्षदों पर निर्भर है। इसलिए पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए अभी से लॉबिंग चल रही है। फ़िलहाल मेयर एजाज ढेबर को कोई खतरा तो नहीं लग रहा, लेकिन इस बार अगर ED ने तलब किया तो कुछ भी हो सकता है।

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वरिष्ठों का वरदहस्त प्राप्त है तब तक सुरक्षित हैं महापौर

सीएम भूपेश बघेल समेत पार्टी संगठन के अलावा विशेषकर सीनियर पार्षद पूरी तरह से महापौर एजाज ढेबर के साथ खड़े हैं। जब-जब एजाज ईडी दफ्तर गए हैं। उनके साथ जिला संगठन के नेता और कई पार्षद रहे हैं। ऐसे में महापौर के शिकंजे में जाने की राह तक रहे युवा पार्षद का दिवास्वप्न कब तक पूरा होगा इसका जवाब गर्त में है।