Air Of Raipur Cxygen Contaminated - ऑक्सीजोन की शुद्ध हवा में चिकन, मटन, बिरयानी का तड़का.. देखें वीडियो
Air Of Raipur Cxygen Contaminated - ऑक्सीजोन की शुद्ध हवा में चिकन, मटन, बिरयानी का तड़का.. देखें वीडियो

टीआरपी डेस्क

रायपुर। राजधानी के कलेक्टर दफ्तर के पीछे बने ऑक्सीजोन में मांसाहारी और मसालेदार दुर्गंध से लोग त्रस्त हैं। बीजेपी शासनकाल में कलेक्टर, कमिश्नर और पूरा निगम अमला पुलिस बल के साथ 77 दुकानों पर अल-सुबह एक साथ 7 जेसीबी लेकर टूट पड़ा था। आज वही बेखबर हैं। बता दें ऑक्सीजोन के लिए 77 लोगों से रोजी-रोटी छीन ली गई थी। जिनको मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत दुकानें मिली थीं। दो सरकारी दफ्तर और 215 शासकीय अधिकारीयों-कर्मचारियों के आवास भी नेस्तनाबूद कर दिया गया था। ऑक्सीजोन के दायरे में ही तक़रीबन 150 परिवार की झुग्गी-बस्ती उजाड़कर वहां शुद्ध हवा और छांव के लिए पेड़-पौधे रोप गए थे।

जिस ऑक्सीजोन की वजह से इतने लोगों को उनकी जगह से बेदखल कर दिया गया, वो अब तक आबाद नहीं हुए हैं। सिर्फ ऑक्सीजोन के जरिये शुद्ध हवा और ठंडक के लिए किये गए सारे इंतज़ाम पर दर्जनभर मांसाहारी ठेले-खोमचे वालों नेग्रहण लगा दिया है। चिकन, मटन, बिरयानी और गरमा गरम मसालेदार व्यंजन की मुफ्तखोरी के अलावा निगम की जेब गरम करके साढ़े 5 साल से बेरोकटोक धंधा कर रहे हैं। ऑक्सीजोन आने वालों के अलावा शाकाहारी भी इस प्रदूषित वातावरण से बेज़ार हैं। आज ऐसे ही लोगों की शिकायत पर अधिवक्ता विश्वदिनी पांडेय ने वीडियो बनाया। वीडियो में किस तरह बेख़ौफ़ सड़क और ऑक्सीजोन से सटाकर दुकान चला रहे दूकानदार की बातों से साफ़ हो जाता है कि इन्हे निगम की कोई चिंता नहीं।

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अब तक नहीं मिला 77 दुकानदारों को शॉप

बता दें ऑक्सीजोन निर्माण की भेंट चढ़े 77 दुकानदारों का अब तक वावस्थापन नहीं हुआ है। निगम की फाइलों में कैद इन 77 दुकानदारों के दिल में पूर्ववर्ती बीजेपी शासनकाल के मुख्या सचिव विवेक ढांढ, अमन सिंह, पूर्व कलेक्टर और बीजेपी नेता ओपी चौधरी समेत निगम पर आज भी गुस्सा है। बताते हैं कि इन्हे सुबह सुबह बेरोजगार करने वाली बीजेपी तो सत्ता से उतर गई पर इस शासन में भी इनकी फाइल ठन्डे बास्ते में है। सभी 77 दुकानदारों को लोधीपारा चौक के पास दुकान आवंटित कर व्यवस्थापन किया जाना था पर साढ़े 5 साल बाद भी इस पर अमलीजामा पहनने में ये सरकार भी उदासीनता बारात रही है। तुर्रा यह कि जिन लोगों की वजह से इन्हे खदेड़ा गया था वही मांसाहारी दुकानदार खुद को 40 साल से यहां होने का दावा कर रहे हैं।