नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीधी में एक आदिवासी युवक पर पेशाब करने की घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस घटना के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तमाम विपक्षी पार्टियों के बीच घिर गए हैं और स्थित तनावपूर्ण हो गई है।

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री आवास में पीड़ित युवक दशमत रावत से मुलाकात कर उनका सम्मान किया और उनके चरण भी धोये। दशमत जब मुख्यमंत्री आवास पहुँचे तो मुख्यमंत्री खुद उनका हाथ पकड़ कर अंदर लेकर गये।

कांग्रेस ने जहां इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरना शुरू किया तो वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई कर और पीड़ित का सम्मान कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा के शासन में कानून का राज बना रहेगा और किसी को बख्शा नहीं जायेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले के संज्ञान में आते ही जिस तरह आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करवाई, उस पर रासुका लगाने के निर्देश दिये, आरोपी के घर में बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया उससे मध्य प्रदेश सरकार के सख्त रुख का संदेश गया है। इसी के साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीड़ित व्यक्ति का जिस तरह सम्मान किया और उसके पैर धोये वह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री कितने कोमल हृदय वाले हैं।

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इसके बाद उन्होंने उनको कुर्सी पर बिठाया और खुद नीचे बैठकर उनके पैर धोये। बाद में मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया कि मन दु:खी है; फिर भी आपकी पीड़ा बाँटने का यह प्रयास है, आपसे माफी भी माँगता हूँ, मेरे लिए जनता ही भगवान है। हम आपको बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने एक दिन पहले ट्वीट किया था कि जबसे मैंने सीधी की घटना का वीडियो देखा, अंतर्मन अत्यधिक व्याकुल और हृदय पीड़ा से भरा हुआ है।

उन्होंने कहा कि वीडियो देखने के बाद से ही मैं दशमत जी से मिलकर उनका दुःख बांटना चाहता था और यह विश्वास भी दिलाना चाहता था कि उनको न्याय मिलेगा।  शिवराज सिंह चौहान ने आज जिस तरह से पीड़ित दशमत का सम्मान किया उससे कांग्रेस के वह आरोप भी हवा हवाई साबित हुए हैं जिसके तहत पार्टी आरोप लगा रही थी कि पीड़ित को हिरासत में रखा गया है।

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इसको लेकर कांग्रेस विधायक कमलेश्वर पटेल ने अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू कर दिया था। कमलेश्वर पटेल ने पुलिस पर पीड़ित को 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इंकार किया है।

इस बीच, सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला भी पीड़ित के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे। हम आपको यह भी बता दें कि आदिवासी युवक के ऊपर पेशाब करने के आरोपी प्रवेश शुक्ला को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद स्थानीय अधिकारियों ने बुधवार को उसके पिता के घर का एक हिस्सा ढहा दिया।