कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में सीएसईबी कंपनी ने बंद पड़े 120 मेगावाट की दोनों इकाइयों की 125 मीटर ऊंची चिमनी को जमीदोंज कर दिया है। कंपनी ने पहले चिमनी के निचले हिस्से को मशीन लगाकर काटा। फिर चिमनी को एक तरफ झुकाते हुए नीचे गिरा दिया।

बताया जा रहा है कि, यह चिमनी अविभाजित मध्यप्रदेश में विद्युत मंडल कार्यकाल में स्थापित की गई थी। प्लांट के बंद होने के बाद इसे गिरा दिया गया है। 125 मीटर ऊंची चिमनी चंद सेकंड में ही धराशाई हो गई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पूर्व संयंत्र से प्रदूषण अधिक होने पर एतराज जताते हुए बंद करने सिफारिश राज्य सरकार से की थी। इस संयंत्र को चालू रखने दोनों इकाइयों का नवीनीकरण वर्ष 2005 में 300 करोड़ से भी ज्यादा राशि खर्च कर किया गया और फिर पुन: पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन होने लगा। बाद में प्रदूषण के मापदंड के नियम कड़े होने पर इकाइयों का परिचालन में दिक्कत आने लगी और आखिरकार कंपनी ने इन दोनों इकाइयों को 31 दिसंबर 2020 की रात 12 बजे बंद कर दिया। इसके साथ इकाई का कबाड़ बेच दिया गया। कबाड़ खरीदने वाली कंपनी की ओर से वर्तमान में लगातार यहाँ से सामान निकाल रही है और संयंत्र के पुराने भवन को भी धराशाई कर रही है। कंपनी ने 120 मेगावाट इकाई की 125 मीटर ऊंची चिमनी को भी धराशायी कर दिया।

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