Modi Surname Defamation Case: मोदी सरनेम मामले में फंसे राहुल गांधी के लिए शुक्रवार को राहत भरी खबर आई। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल को मिली दो साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल की सांसदी बहाली का रास्ता साफ हो गया है। साफ है कि राहुल 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। इसको लेकर राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई की जीत होती है।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ”आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों सच्चाई की जीत होती है। मगर जो भी हो मेरा रास्ता तो क्लियर है। मुझे क्या करना है, मेरा क्या काम है, मेरे दिमाग में सब साफ है। जिनलोगों ने हमारी मदद की, जनता ने जो प्यार और समर्थन दिया मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।”

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मल्लिकार्जुन खरगे क्या बोले?
राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ” यह हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है। लोकतंत्र की जीत हुई है, संविधान की जीत हुई है। सत्यमेव जयते मैं उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं। यह जीत सिर्फ राहुल गांधी की नहीं, बल्कि देश की जनता और लोकतंत्र की जीत है।”

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने में उन्हें सिर्फ 24 घंटे लगे, देखते हैं उनकी सदस्यता बहाल करने में कितना समय लगता है। यह वायनाड के लोगों और मतदाताओं की जीत है।

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राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी से 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में चुनावी रैली के दौरान कहा था कि ‘‘सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?’’इसको लेकर गुजरात सरकार में पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की है। उच्च न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।