रायपुर। साइबर अपराध से निपटने के लिए आज पुलिस मुख्यालय नवा-रायपुर में डीजीपी अशोक जुनेजा के मुख्य आतिथ्य के उपस्थिति में 2 दिवसीय गूगल और पेटीएम साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस मुख्यालय और वित्तीय कारोबार संचालित करने वाली गूगल एवं पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा सभी जिलों से आये साईबर नोडल पुलिस अधिकारी (अतिरिक्त/ उप पुलिस अधीक्षक स्तर) एवं जिला साईबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों एवं रेंज स्तर से साईबर थाने में पदस्थ पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को साईबर ठगी की रोकथाम और त्वरित कार्यवाही किये जाने हेतु पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा।

पुलिस महानिदेशक जुनेजा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से आये साइबर नोडल पुलिस अधिकारी एवं जिला साइबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध ठगी और ब्लेकमेलिंग जैसी अपराधों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को और अधिक सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट के अलावा डॉटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 भी लागू हो गया है। इसमें साइबर ठगी के बढ़ते मामलों से निपटने और अपराधियों को पकड़ने तथा न्यायालय से दण्डित कराने के प्रावधान किये गये हैं, इन प्रावधानों से साइबर अपराधियों को दण्ड दिलाने में मदद मिलेगी।

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अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाकर शीघ्रतापूर्वक कार्य करना चाहिए : डीजीपी जुनेजा

डीजीपी जुनेजा ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर ठगी के मामलों में अपडेट जानकारी हार्ड एवं साफ्ट कॉपी दोनों उपलब्ध होनी चाहिए जिससे प्रार्थी या शिकायतकर्ता के शिकायत का समाधान यथाशीघ्र किया जा सके। उन्होंने कहा साइबर अपराधियों द्वारा अन्य राज्यों में बैठकर किये जाने वालों अपराधों पर अंकुश एवं अपराधियों को पकड़ने के लिए अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाकर शीघ्रतापूर्वक कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अपराधी को पकड़ना साक्ष्य एकत्रित करना एवं अपराधी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसे दण्ड दिलाना पुलिस के लिए बहुत बढ़ी चुनौती है, इसलिए पुलिस को आधुनिकतम रूप से प्रशिक्षित होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि गूगल और पेटीएम जैसे वित्तीय कार्य संपादित करने वाली संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गूगल और पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा LERS (ला इन्फोर्समेंट रिक्वेस्ट सिस्टम) पोर्टल, फ्राड, इमरजेंसी रिक्वेस्ट, फ्राड ट्रेंड, बिजनेस, ट्रान्जेक्शन, मानिटरिंग संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अपरान्ह् में पेटीएम की टीम द्वारा ऑनलाईन बैंकिंग की कार्यप्रणाली एवं पेटीएम द्वारा साईबर क्राईम को रोकने की दिशा में उठाये गये कदम के बारे में विस्तार से बताया गया।

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