High-Court Bilaspur

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चकरभाटा स्थित बिलासा एयरपोर्ट के विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार तथा एलाइंस एयर को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दरअसल पिछली सुनवाई में बताया गया था कि टर्मिनल भवन के विस्तार के लिए 90 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 3 सी वीएफआर से 3 सी आईएफआर में उन्नयन के लिए 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नाइट लैंडिंग कार्य के लिए विस्तारित पक्की बाउंड्री वॉल बनाने की मंजूरी अभी नहीं मिली है। इसके लिए राज्य सरकार के विमानन विभाग को पत्र लिखा गया है।

बारिश के चलते धीमा हुआ कार्य

पूर्व में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि सभी सिविल कार्य 31 जुलाई तक पूरे हो जाएंगे। सरकार की ओर से सुनवाई के दौरान कहा गया कि बारिश के कारण काम की गति धीमी रही, अब सड़क इत्यादि का अधूरा काम 31 अक्टूबर 2023 तक पूरा हो जाएगा।

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सेना की जमीन कब होगी हस्तांतरित..?

वहीं केंद्र सरकार के वकील यह नहीं बता सके कि राज्य सरकार को सेना की जमीन कब तक हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस भूमि की वापसी के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक राशि केंद्र सरकार में जमा कर दी है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि नाइट लैंडिंग से संबंधित सिविल वर्क पूरा हो चुका है और इलेक्ट्रिकल काम जारी है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2023 को होगी।