India vs Bharat: विपक्ष का इंडिया और एनडीए के भारत के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि केंद्र सरकार देश का नाम इंडिया से भारत कर सकती है। दरअसल इस बात को हवा तब मिली जब जी20 मेहमानों को राष्ट्रपति भवन में होने वाले डिनर के लिए आमंत्रित किया गया।

दरअसल डिनर के लिए भेजे गए निमंत्रण पत्र पर अंग्रेजी में इंडिया की जगह भारत लिखा हुआ है। बता दें कि भारत जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें विभिन्न देशों से शामिल होने वाले गणमान्य व्यक्तियों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले डिनर कार्यक्रम में भी शामिल होना है।

बता दें कि यह सारा विवाद निमंत्रण पत्र को लेकर है जिसमें ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा हुआ है। ऐसा पहली बार है जब किसी आधिकारिक निमंत्रण पत्र में देश के नाम में बदलाव किया गया है।

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इस बीच कांग्रेस और देश की तमाम विपक्षी पार्टियों को भाजपा को घेरने का मुद्दा मिल गया है। मगर हम आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी देश का नाम बदला गया है। दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिन्होंने अपना नाम बदला है।

इन देशों ने बदला है अपना पुराना नाम

तुर्किए: बता दें कि पिछले साल ही राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के एक आदेश के बात तुर्की का नाम तुर्किए कर दिया गया। इस बदलाव का एकमात्र उद्देश्य देश की समृद्ध संस्कृति, मूल्यों और सभ्यता को वैश्विक मंच पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत करना है।


चेकिया: अप्रैल 2016 में चेक रिपब्लिक ने देश को स्पोर्ट्स इवेंट और ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया। इस देश ने अपना नाम बदलकर चेकिया रख लिया।


इस्वातिनी: अफ्रीकी देश स्वाजीलैंड ने अप्रैल 2018 में अपना नाम इस्वातिनी रख लिया। दरअसल लोगों को स्विट्जरलैंड के साथ मिलते देश के नाम की वजह से भ्रम पैदा होता था, इसलिए इस्वातिनी ने अपना नाम बदला।

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नीदरलैंड्स: नीदरलैंड ने प्रचार के मकसद से जनवरी 2020 में अपना नाम हॉलैंड से बदलकर नीदरलैंड रखा था। दरअसल इसका कारण खुद को आविष्कारक और समावेशी मुल्क के तौर पर पेश करना था।

रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मैसेडोनिया: नाटो में शामिल होने और ग्रीस में एक इलाके का नाम मैसेडोनिया होने की वजह से इस देश ने अपना नाम बदला। फरवरी 2019 में मैसेडोनिया रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मैसेडोनिया बन गया।

श्रीलंका: श्रीलंका ने अपनी आजादी को दिखाने और पुर्तगाली और ब्रिटिश शासन के ऐतिहासिक अवशेषों को हटाने के लिए 2011 में औपनिवेशिक नाम सीलोन को त्यागकर श्रीलंका रखा।

थाईलैंड: थाईलैंड को सियाम के तौर पर जाना जाता था। फिर 1939 में देश का नाम बदलकर थाईलैंड रखा गया। मगर 1946 और 1948 में फिर से सियाम नाम अपनाया गया। हालांकि बाद में थाईलैंड का आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ थाईलैंड हो गया।

म्यांमार: 1989 में म्यांमार ने बर्मा की जगह अपना नाम आधिकारिक तौर पर म्यांमार कर लिया।

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ईरान: ईरान ने 1935 में अपना नाम पर्शिया से ईरान कर लिया। इससे देश और यहां के नागरिकों को एक नई पहचान मिली।

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