नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विशेष सत्र के पहले दिन अपने भाषण की शुरुआत एक कविता से की और सरकार को सलाह दी कि ‘अगर वह कुछ नहीं कर सकती तो कुर्सी छोड़ दे।’ साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र मजबूत विपक्ष को कमजोर करने के लिए ED के जरिए उसे डराने की कोशिश कर रही है।

बदलना चाहते हैं तो हालत को बदलें

खड़गे ने राज्यसभा में अपने शुरुआती नोट में कहा, “अगर आप बदलना चाहते हैं तो अभी स्थिति बदलें। इस तरह नाम बदलने से क्या होता है? युवाओं को रोजगार देना है तो सबको बेरोजगार करने से क्या होगा? अपने दिल को थोड़ा बड़ा करने की कोशिश करें, जब आप लोगों को मारते हैं तो क्या होता है? अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो अपनी कुर्सी छोड़ दीजिए। यदि आप एक-दूसरे को डराते हैं तो क्या होगा? तुम्हें अपने शासन पर घमंड है, लोगों को धमकाने से क्या होता है?”

अपनी कविता के साथ, खड़गे ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से “मजबूत” विपक्ष को कमजोर करने के प्रयास का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मजबूत विपक्ष में विश्वास करते थे। नेहरू ने यहां तक कहा था कि अगर मजबूत विपक्ष नहीं है तो व्यवस्था में गंभीर खामी है।

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खड़गे ने कहा, “अब जब मजबूत विपक्ष है तो वे इसे ईडी और सीबीआई के जरिए कमजोर करना चाहते हैं और फिर इसे ‘साफ’ करने के लिए अपनी वॉशिंग मशीन में डालना चाहते हैं।”

“मणिपुर क्यों नहीं जा रहे ?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा कि अब प्रधानमंत्री (संसद में) आते हैं और चले जाते हैं। उन्‍होंने कहा, “आज मणिपुर जल रहा है और आज तक लोग मारे जा रहे हैं, हिंसा हो रही है। और जब इतनी सारी बातें हो रही हों तब भी वह शायद ही कोई बयान जारी करते हों। खड़गे ने कहा, ”वह देश के कई हिस्सों में जाते हैं, लेकिन वह मणिपुर क्यों नहीं जा रहे हैं।”

इस पर धनखड़ ने कहा कि ‘जब वह आपके निर्वाचन क्षेत्र में गए तो आपको दिक्कत है’। इस पर खड़गे ने जवाब दिया कि ‘अगर वह वहां काम करने जा रहे हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है’। खड़गे ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान 21 बार, मनमोहन सिंह ने 30 बार बयान दिये। खड़गे ने कहा, “हालांकि कुछ ‘प्रथागत टिप्पणियों’ के अलावा, पीएम मोदी ने केवल दो बार संसद में बयान दिया है।”

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‘इंडिया को इंडी अलायंस कहते हैं नड्डा’

भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (इंडिया) ब्लॉक को इंडी अलायंस कहने के लिए भाजपा पर कटाक्ष करते हुए खड़गे ने कहा, “शब्द को छोटा करने के लिए (भाजपा अध्यक्ष जेपी) नड्डा साहब इंडी अलायंस कहते हैं। आप जो भी कहें हम ‘इंडिया’ हैं।”

‘हमने लोकतंत्र को बचाया है’

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर स्पष्ट रूप से कटाक्ष करते हुए कहा, “हमने उन्हें दिखाया कि हम एक राष्ट्र के रूप में कैसे मजबूत और विकसित हुए, हमने लोकतंत्र और संविधान को बचाया। लेकिन फिर भी लोग पूछते हैं ’70 साल में क्या किया’? हमने केवल यही किया, हमने लोकतंत्र को बचाया, हमने संविधान को बचाया और देश को आगे बढ़ाया।”

उन्‍होंने कहा, “इस भवन में पिछले 75 वर्षों में देश का चेहरा बदल गया और जमींदारी प्रथा के उन्मूलन सहित लोगों के लिए कई निर्णय लिए गए। और उन्होंने इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया कि हमें विकास के लिए किस तरह गति के साथ काम करने की जरूरत है।”

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‘नेहरू कैबिनेट में 5 विपक्षी नेता शामिल थे’

खड़गे ने कहा कि पहली कैबिनेट में नेहरू सभी को साथ लेकर चलते थे और उन्होंने पांच विपक्षी नेताओं को भी अपनी कैबिनेट में शामिल किया था। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ”लेकिन अब आप हमारी परछाई भी नहीं देखना चाहते।” नेहरू 14 साल तक जेल में रहे, उन्होंने कई उद्योगों और कई सार्वजनिक क्षेत्रों की नींव रखी। और पांच साल में हम आगे बढ़ गये। और नेहरू विपक्ष की बात धैर्य से सुनते थे, जबकि प्रधानमंत्री अब संसद में नहीं आते हैं। अगर वह आते तो यह (पीयूष) गोयल के लिए राहत होती।”