नई दिल्ली। भारत की हरित क्रांति के जनक माने जाने वाले व महान कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का गुरुवार को निधन हो गया। स्वामीनाथ ने 98 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आज सुबह 11.20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका जन्म 7 अगस्त, 1925 को हुआ था। बताया जा रहा है कि, लंबी उम्र की वजह से आने वाली दिक्कतों के चलते उनका निधन हो गया।

स्वामीनाथन ने धान की अधिक उपज देने वाली किस्मों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि भारत के कम आय वाले किसान अधिक उपज पैदा करें। भारत के टॉप कृषि वैज्ञानिक और प्लांट आनुवंशिकीविद् में से एक मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन उर्फ एमएस स्वामीनाथन को भारत की हरित क्रांति का वास्तुकार माना जाता है। उन्होंने गेहूं और चावल की उच्च उपज वाली किस्मों को पेश करने और आगे विकसित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।

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