0 बोरीडांड से सूरजपुर रेल लाइन के दोहरीकरण का करेंगे शिलान्यास

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 03 अक्टूबर 2023 को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, बस्तर की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 03 अक्टूबर को 11 बजे अपराह्न विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। अवसंरचना विकास को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री अनेक रेल परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास करेंगे।

प्रधानमंत्री अंतागढ़ से ताड़ोकी नई रेल लाइन और जगदलपुर से दंतेवाड़ा के बीच डबल रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसी के साथ प्रधानमंत्री बोरीडांड से सूरजपुर रेल लाइन के दोहरीकरण परियोजना तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जगदलपुर स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री ताड़ोकी से रायपुर डेमू ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारम्भ भी करेंगे। इन रेल परियोजनाओं से राज्य के जनजातीय इलाकों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। रेल अवसंरचना में सुधार और नई रेल सेवाओं से स्थानीय लोगों को सुविधा होगी तथा इलाके में आर्थिक विकास को मदद मिलेगी।

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प्रधानमंत्री अंतागढ़ से ताड़ोकी नई रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे । छतीसगढ़ के रेल संपर्क विहीन ताड़ोकी क्षेत्र में दल्लीराजहरा रावघाट परियोजना के अंतर्गत 272 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 17.65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन छत्तीसगढ़ के वनवासी बाहुल्य क्षेत्र को परिवहन का सुलभ, किफायती और तेज साधन उपलब्ध कराएगी । यह लाइन पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा इस्पात संयंत्रों के लिए लौह अयस्क समृद्ध क्षेत्रों से परिवहन सम्‍पर्क की सुविधा प्रदान करेगा ।

प्रधानमंत्री बोरीडांड से सूरजपुर रेल लाइन के दोहरीकरण का शिलान्यास भी करेंगे । 79 किलोमीटर लम्बी यह परियोजना 775 करोड़ की लागत से पूरी होगी । इस रेल लाइन के दोहरीकरण से रेल परिवहन सुविधा का विस्‍तार होगा और क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा । इससे स्थानीय रोजगार सृजन और आसपास के क्षेत्रों से देश के शेष हिस्सों तक कोयले के परिवहन में आसानी होगी।

प्रधानमंत्री ताड़ोकी से रायपुर डेमू ट्रेन सेवा का शुभारम्भ करेंगे । इस सेवा के शुभारम्भ से ताड़ोकी से राजधानी रायपुर के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी तथा इस क्षेत्र के निवासियों को तेज, सुगम एवं सस्ता परिवहन उपलब्ध होगा। छात्रों को उच्च शैक्षिक संस्थानों एवं मरीजों को अच्छे अस्पतालों तक पहुँच आसान होगी एवं इसके साथ ही इस क्षेत्र का समन्वित तथा चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा ।

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