दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज दिल्ली में GST काउंसिल की 52वीं बैठक हुई। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक से निकलने के बाद टीएस सिंहदेव ने कहा कि शराब पर स्पष्टता लाने की बात हुई कि औद्योगिक शराब और मानव उपभोग के लिए शराब की नीति अलग-अलग होगी। मानव उपभोग के लिए शराब राज्य का विषय रहेगा।

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में अब मिलेट्स से बने हुए उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दर को घटा दिया गया है। भारत 2023 को ‘Year of Millets’ के रूप में सेलिब्रेट कर रहा है. ऐसे समय में यह राहत बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

जबकि केंद्र सरकार देश में मोटे अनाजों (Promoting Millets) को बढ़ावा देने पर पूरा फोकस कर रही है। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने बाजरा पाउडर पर छूट की सिफारिश की थी।

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मिलेट्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट घोषित किया गया है. भारत की तरफ से की गई इस पहल के कारण दुनिया का ध्‍यान अब मोटे अनाज की ओर केंद्रित हो गया है।

मिलेट्स में मोटे और छोटे दोनों वाले अनाज शामिल होते हैं. प्रमुख मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा और रागी का नाम आता है, तो वहीं छोटे अनाजों में कुटकी, कांगनी, कोदो और सांवा शामिल हैं. ये सभी कैल्शियम, आयरन, फाइबर समेत ढेरों पोषक तत्वों के बढ़िया सोर्स हैं।

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