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रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया इतनी जटिल हो गई है कि इसमें 3 माह का समय बीत गया और लगभग ढाई हजार से अधिक विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह गए हैं। बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने के चलते अब इंडियन नर्सिंग काउंसिल में प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित सभी विद्यार्थियों के लिए प्रवेश के रास्ते खोल दिए हैं, मगर दिक्कत यह है कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए केवल दो दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इतने कम समय में कितने विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे..?

अगस्त माह में शुरू हुई थी कॉउन्सिलिंग

प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया काफी जटिल है, जिसके चलते काफी समय व्यतीत हो जाता है और बच्चे दूसरे पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले लेते हैं। अगस्त महीने में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई और आज अक्टूबर का महीना चल रहा है। यही वजह है कि उनका संगठन पिछले कई महीने से कॉउन्सिलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करता चला आ रहा है।

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4 माह में बदल गए 4 आयुक्त

राजीव गुप्ता ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होने वाली प्रवेश की प्रक्रिया में बदलाव के लिए वे बार-बार मांग करते रहे। इस बीच विभाग में 4 आयुक्त बदल गए। ऐसे में मांगों पर फैसला आखिर कौन करेगा। फ़िलहाल संगठन ने INC के पत्र जारी करने के बाद चिकित्सा शिक्षा के सचिव को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि नर्सिंग कॉउन्सिलिंग में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है और इसमें केवल दो दिन शेष रह गए हैं, इसलिए कॉउन्सिलिंग का शेड्यूल तत्काल जारी करते हुए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाये।