जांजगीर-चाम्पा। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पार्टियों में चुनावी सरगर्मी के बीच नेताओं के बगावती तेवर ने विधानसभा चुनाव को और भी रोचक बना दिया है। इस बार टिकट वितरण के लिए भाजपा एवं कांग्रेस ने भारी मंथन के बाद जीतने योग्य प्रत्याशियों को ही टिकट दी है। वहीं पामगढ़ विधानसभा सीट के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक गोरेलाल बर्मन ने भी दावेदारी की थी लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। टिकट नहीं मिलने से नाराज गोरेलाल बर्मन कांग्रेस से इस्तीफा देकर जनता कांग्रेस में शामिल होकर वे अब जनता कांग्रेस के हो गए हैं।

जिले के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की टिकट से चुनावी मैदान में उतरे गोरेलाल बर्मन ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व विधायक बर्मन का आरोप है कि कांग्रेस के गद्दारों ने षड्यंत्र करके 2018 में उन्हें चुनाव हराया था। कांग्रेस के बड़े नेता ने षड्यंत्र किया था और कांग्रेस के गद्दारों को खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र करने वाले इस बार सावधान रहें, क्योंकि पामगढ़ की जनता इन बातों को समझ चुकी है।

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आपको बता दें, 2008 और 2018 में लोकगायक गोरेलाल बर्मन को कांग्रेस ने पामगढ़ विधानसभा से प्रत्याशी बनाया था और दोनों बार उन्हें हार मिली है। 2018 की कांग्रेस लहर में 3 हजार 61 वोटों से चुनाव हार गए थे। इस बार कांग्रेस से टिकट नहीं मिली तो वे JCCJ से पामगढ़ में चुनावी मैदान में उतर गए हैं।

गोरेलाल बर्मन ने कहा है कि राजनीति में जनभावना का महत्व होता है और कांग्रेस में टिकट देने में गलती हुई, क्योंकि कांग्रेस ने पामगढ़ में जनभावना का कद्र नहीं किया। इसलिए वे जनमानस की भावना को देखते हुए JCCJ की टिकट पर मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि उनके गाए गाना को कांग्रेस में स्वमेव बन्द करना चाहिए, गाना नहीं बजाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर निर्वाचन आयोग से शिकायत की जाएगी और न्यायालय भी जा सकते हैं।
गोरेलाल बर्मन ने ये भी कहा कि उन्हें गाना भी आता है, बजाना भी आता है। इस बार जनता भी बजाएगी, जनता बजाने के तैयार है। गोरेलाल बर्मन ने JCCJ के 10 कदम, गरीबी खत्म के नारे पर कहा कि छत्तीसगढ़िया ऐसा सबल हो, मांगने वाले के बजाय देने वाला बने, यह JCCJ की कोशिश रहेगी।

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बसपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बसपा में अब मिशन नहीं, कमीशन का खेल बन गया है और राष्ट्रीय नेतृत्व चैन की निद्रा में सोया है। पामगढ़ में बसपा विधायक में सेवा भावना कम है, कमीशन की भावना ज्यादा है। विधायक को आम जनता की तकलीफ से कोई मतलब नहीं है। गोरेलाल बर्मन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार खरीद फरोख्त करती है, राज्य में कांग्रेस सरकार है, क्ष्रेत्र में अभी बसपा की विधायक हैं। ऐसे में चतुष्कोणीय मुकाबला है। उन्होंने कहा कि पामगढ़ में पैसा वाला चुनाव नहीं जीतता है, सहानुभूति में जीत होती है। इस बार जनता की पूरी तैयारी है, वे गोरेलाल बर्मन के साथ हैं।