रायपुर।विधानसभा निर्वाचन आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य जीएसटी विभाग में सर्तकता और कार्रवाई बढ़ा दी है। चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने लिए बांटे जाने वाले सामानों के परिवहन पर विभाग की पैनी नजर है।

विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए उपहारों का वितरण न किया जा सके, इसके लिए खास इंतजामात किए गए हैं, विभिन्न दल जहां चेकपोस्ट पर तलाशी अभियान चला रहे हैं तो वहीं उपहारों के गोदामों की भी तलाशी ली जा रही है।

विभाग ने अधिकारियों की 24 टीमों को अन्य राज्यों की सीमाओं से सटे रास्तों पर 24 घंटे वाहनों की जांच के लिए नियुक्त किया गया है और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की जा रही है।

राज्य कर आयुक्त द्वारा अपने अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय करने और संयुक्त जांच करने की हिदायत भी दी गई है। राज्य के भीतर भी 15 टीमों के द्वारा ई-वे बिल की जांच लगातार की जा रही है। राज्य कर विभाग द्वारा 31 अक्टूबर 2023 तक कुल 10 करोड का माल जब्त किया जा चुका है।

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विभाग की नजर रेलवे और बसों से भेजे जाने वाले सामानों पर भी है। रेलवे से परिवहित माल पर भी गलती पाये जाने पर इस दौरान 40.81 लाख की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। चुनाव में मुफ्त बांटे जाने वाले सामान की धरपकड़ सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त ने सभी अधिकारियों को उनके क्षेत्र में पड़ने वाले गोदामों की जांच करने हेतु निर्देशित किया गया है।

बताया गया है कि अब-तक 377 गोदामों की जांच करके स्टॉक में अंतर पाये जाने पर व्यापारियों को 21.05 लाख रुपये जमा कराये गये हैं। विभाग के अधिकारियों द्वारा पुलिस प्रशासन का सहयोग निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में किया जा रहा है और निर्वाचन कार्य में लगे एसएसटी और एफएसटी में सभी जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति गई है और उनके द्वारा जांच में प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।

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