उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 15 मजदूरों को मंगलवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे कर्मचारियों ने जयकार लगाए और विजय का साइन दिखाया है। इसके बाद एक-एक कर कई एंबुलेंस अंदर भेजी गई। डॉक्टर भी तैनात है। एक मजदूर को निकालने में तीन से चार मिनट का समय लगा। एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। सुरंग के अंदर ही मेडिकल कैंप बनाया गया है।

बता दें कि रेस्क्यू ऑपरेशन का आज 17वां दिन है। मजदूरों के परिजन को अंदर भेजा गया है। ये परिजन अलग-अलग प्रदेशों से आए थे। इन्हें गेट पास जारी किए गए थे। मजदूरों का सुरंग के भीतर ही स्वास्थ्य परीक्षण होगा। सुरंग के भीतर जहां मजदूर फंसे हैं, वहां का तापमान लगभग 30 से 35 डिग्री है, जबकि सुरंग के बाहर सिलक्यारा का वर्तमान तापमान 10 डिग्री के आसपास है। यही भी एक कारण है कि मजदूरों को एकदम से बाहर नहीं निकाला जाएगा।

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उत्तरकाशी जिला अस्पताल सहित सभी निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ऋषिकेश एम्स, जौलीग्रांट हिलालयन अस्पताल, देहरादून मैक्स अस्पताल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी को कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। यदि किसी मजदूर की तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो एयरलिफ्ट कर लाया जाएगा।

उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 12 नवंबर से चल रहे रेस्क्यू अभियान में तब तेजी आई, जब इसमें रैट माइनर्स की मदद ली गई। इसे रैट होल माइनिंग भी कहते हैं,इन्होंने मशीन से ज्यादा तेजी से खुदाई मैनुअली ही कर डाली, जो हालांकि रैट होल माइनिंग देश में बैन हो चुकी है।