रायपुर। ED ने राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित एक बैंक के सामने 32 लाख रूपयों के साथ प्लेसमेन्ट कर्मचारी को पकड़ा है। दावा किया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान ईगल हन्टर प्लेसमेन्ट के कर्मचारी ने बरामद रूपया सीएमसीएल (Chhattisgarh State Marketing Corporation Limited) के उप महाप्रबंधक का होना बताया है। कैश कूरियर का काम कर रहे इस प्लेसमेन्ट कर्मचारी ने ED के समक्ष कई जानकारियां साझा की है।

बताया जा रहा है कि ED द्वारा बुधवार को की गई इस कार्रवाई के बाद फरार अधिकारी की पतासाजी की जा रही है। अधिकारी का मोबाइल भी बंद बताया जा रहा है।

शराब दुकानों में कर्मचारी उपलब्ध कराती है यह एजेंसी

ईगल हन्टर एजेंसी प्रदेश के सभी शराब दुकानों में कर्मचारियों का प्लेसमेन्ट करती है। यह फर्म जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद आईटीएस अफसर एपी त्रिपाठी के परिजनों के नाम से संचालित है। साथ ही त्रिपाठी के परिजनों के नाम शराब की बोतलों में लगने वाले होलोग्राम बनाने वाली फर्म भी है।

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विभाग के पॉवरफुल अधिकारी हैं तोमर

सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में सीएमसीएल एक्साइज के उप महाप्रबंधक नवीन प्रताप तोमर विभाग में सबसे पॉवरफुल अधिकारी हैं और उन्होंने ही ईगल हंटर प्लेसमेंट कंपनी से यह रकम मंगाए थे। तोमर बुधवार को कैश कूरियर के पकड़े जाने के बाद से मोबाइल बंद करके फरार हैं। एक्साइज विभाग के यह अधिकारी पूर्व में राजनांदगांव में पदस्थ रहे। वहां से उनका दुर्ग तबादला हुआ। इस बीच ED की कार्रवाई शुरू हुई और एपी त्रिपाठी की गिरफ़्तारी के बाद तोमर को यहां पदस्थ किया गया। हालांकि वे उप महाप्रबन्धक (DGM) के पद पर हैं, मगर वे खुद को एपी त्रिपाठी के बदले यहां पदस्थ होना बताकर पूरा सीएमसीएल एक्साइज चला रहे हैं।

फिलहाल इस मामले में आबकारी विभाग के उच्चाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं ED की टीम फरार अधिकारी की तलाश के साथ ही इस पूरे मामले को खंगालने में जुटी हुई है।

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