रायपुर। ट्रेन में लंबी दूरी की यात्रा करना बेहद ही कठिन होता है, ऐसे में जब सफर करते समय यदि सीट न मिले तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। ऐसे हालत में ट्रेन में सफर करना हर किसी के बस की बात नहीं है। भीड़ का सामना करते हुए अपनी जगह बनाने का हुनर लोगों को यहीं से सीखने को मिलता है। पर लोगों को कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह की परेशानियों का सामना करते हुए प्रतियोगिता में शामिल होने दिल्ली गए छत्तीसगढ़ के 51 राष्ट्रीय खिलाड़ियों को ट्रेन में सीट नहीं मली और उन्हें टॉयलेट के पास बैठकर सफर करना पड़ा। बच्चों ने कहा कि जो मैडम उन्हें दिल्ली लेकर गई थी वह पहले ही छत्तीसगढ़ लौट आई थी। छोटे-छोटे बच्चों के साथ हुए घटना की चर्चा आज पूरे प्रदेश में है।

राष्ट्रीय स्तर के जिमनास्टिक खिलाड़ियो को राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दिल्ली ले जाया गया पर अव्यवस्थाओं को लेकर बच्चे इतने दुखी है कि दुबारा कही बाहर जाने के नाम से भी उन्हें डर लगने लगा है। बच्चों को दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक का सफर बोगी के वॉशरूम के पास बैठकर करना पड़ा। जवाबदार जो बच्चो को लेकर आप साथ अपनी जवाबदारी में लेकर दिल्ली गए थे वो उन्हें वही छोड़कर वापस आ गए थे।

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