रायपुर। कांग्रेस हाईकमान ने 4 जनवरी को दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के सारे बड़े नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में राहुल की आगामी पद यात्रा पर चर्चा होगी। साथ ही लोकसभा चुनावों को लेकर कुछ निर्णायात्मक चर्चा के संकेत हैं।

विस में हार के बाद यह सारे नेताओं की यह दूसरी बैठक है। इसी बैठक में नए प्रभारी सचिन पायलट की भी सभी नेताओं से पहली मुलाकात होगी।

शीर्ष नेतृत्व के साथ निर्णायक बैठक

पार्टी की पांच सदस्यीय गठबंधन समिति के सदस्यों अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, मुकुल वासनिक, मोहन प्रकाश और सलमान खुर्शीद राज्य इकाईयों से चर्चा के बाद अपना आकलन तैयार कर रहे हैं और संभवत: चार जनवरी को शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर निर्णायक बैठक होगी।

बैठक में खरगे के साथ राहुल गांधी रहेंगे मौजूद

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ होने वाली राहुल गांधी और पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सरीखे वरिष्ठ नेता भी इसमें मौजूद रहेंगे। इस बैठक के बाद कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में INDIA के दलों के साथ सीट बंटवारे को जमीन पर उतारने की कसरत में जुटेगी।

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लोकसभा सीट बंटवारे की बनेगी रणनीति

लोकसभा चुनाव 2024 के सीट बंटवारे के लिए विपक्षी INDIA गठबंधन के दलों के चौतरफा दबाव के बीच कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाईयों के साथ चर्चा का दौर लगभग पूरा कर लिया है। पार्टी हाईकमान अब वरिष्ठ नेताओं से अगले दो-तीन दिनों में तालमेल के मुद्दे पर मशविरा कर राज्यों में क्षेत्रीय दलों के साथ सीट बंटवारे की कसरत को सिरे से चढ़ाएगा।

सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करना आसान नहीं

हालांकि सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है क्योंकि जिन राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों का वर्चस्व है वहां वे उसे अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं हैं। पश्चिम बंगाल इसका उदाहरण है जहां तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी को केवल दो सीटें देने की पेशकश की है और बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी खुले तौर पर यह बयान दे चुके हैं कि ममता बनर्जी तालमेल के लिए गंभीर नहीं हैं।

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