रायपुर। देश भर में अलग-अलग राज्यों में नए कानून का विरोध कर रहे बस-ट्रक ड्राइवर एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। बता दें लगभग 65 हज़ार ड्राइवरों अनिश्चितकालीन हड़ताल को छत्तीसगढ़ हाईवे परिवहन संघ ने समर्थन दे रहें हैं। ड्राइवर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सेन ने बतया कि सरकार ने ट्रांसपोर्टर से बात की, हमसे नहीं, इसलिए हिट एंड रन कानून को वापस लिया जाना चाहिए। ड्राइवरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया है और ड्राइवरों को हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। केंद्र सरकार द्वारा ड्राइवरों के लिए लाई गई हिट एंड रन कानून के विरोध में हाल ही में देश भर के ड्राइवरों ने हड़ताल किया था। जिसका व्यापक असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला था लेकिन इस बार ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ के ड्राइवरों ने रुचि नहीं दिखाई । ड्राइवरों के निश्चितकालीन हड़ताल के आह्वान का छत्तीसगढ़ में कहीं असर नहीं दिख रहा है। सामान्य रूप से बस सेवा संचालित हो रही है। राजधानी के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में भी सभी बस संचालित हो रहा है।

See also  बड़ी खबरः कटघोरा के कोरोना पॉजिटिव मरीज निकला तहसीलदार का बाबू, पूरे स्टॉफ में मचा हड़कंप, अब 20 कर्मचारियों के परिवार होम आइसोलेट

भाटागांव बस स्टैंड के तीनों गेट में पुलिस तैनात है. सड़कों में ई-रिक्शा और ऑटो भी दौड़ रहे हैं. बता दें कि, बस ड्राइवरों ने हिट एंड रन क़ानून के विरोध में आज से स्टीयरिंग छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था। टिकरापारा थाना प्रभारी दुर्गेश रावटे ने बताया कि सामान्य स्थिति है. कही बंद नहीं है। बस निर्धारित समय में संचालित हो रहा है । यात्री सामान रूप से यात्रा कर रहे हैं । अभी तक यहां किसी भी संगठन का दबाव देखने को नहीं मिला है । सुबह से ही बसे निर्धारित समय में संचालित हो रहा है। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भाटागांव के तीनों गेटों में पुलिस बल तैनात हैं।

यात्रियों ने कहा कि हड़ताल करना गलत है. हड़ताल करने की बात करके ही अपने गलत होने के सबूत दे रहे हैं. बस संचालित हो रहा है. ऑटो और ई-रिक्शा भी चल रहे हैं. लोगों को गुमराह क्यों किया जा रहा है। वहीं, बस ड्राइवरों का कहना है कि रोजी रोटी का सवाल है । जैसे हमारे मालिकों का आदेश होता है, वैसे करते हैं। आज बस चलाने को कहा गया था तो चला रहे हैं ।तो वहीं ई-रिक्शा और ऑटो वालों का कहना है, हम सुबह से गाड़ी चला रहे हैं बाकी दिनों की तुलना में आज कुछ यात्री काम है।

See also  आरडीए हुआ कर्ज मुक्त, कौशल्या माता विहार निर्माण के लिए 600 करोड़ का लिया था ऋण