राजनांदगांव। प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए नक्सलवाद को खत्म करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास योजना संचालित की गई है। जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सिलयों को शासकीय योजनाओं का लाभ एवं योग्यतानुसार सरकारी नौकरी देकर उन्हें समाज के मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। नक्सलियों को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने मुहिम चला रही है ।

इसी कड़ी में पुलिस टीम गांव-गांव पहुंच रही है। जहां इन नक्सलियों के नाम पर्चा लगाया जा रहा है। पुलिस अतिसंवेदनशील गांवों, नक्सलियों के निवास स्थान और मूवमेंट हिस्सों में ऐसा पर्चा लगा रही है। इसके अलावा अति संवदेनशील हिस्सों में भी पर्चा फेंका जा रहा है। ताकि नक्सलियों तक पुलिस की अपील पहुंच सकें। वे विचार करें और आत्मसमर्पण के लिए आगे आएं। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। हर हिस्से में ऐसे पर्चे लगाने की तैयारी की गई है।

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बता दें कि एमएमसी जिले में लंबे समय से युवाओं ने नक्सल संगठन का सहयोग बंद कर दिया है। नक्सलियों के संगठन में कोई भर्ती भी नहीं हो रहा। इससे संगठन लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है। ऐसे में नक्सली अब ग्रामीणों को बरगलाने कई तरह की हरकतें कर रहे हैं। भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को शासन-प्रशासन के खिलाफ तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें कुछ स्थानीय लोग ही नक्सलियों की मदद कर रहे हैं। जिन्हें भी पुलिस चिन्हित कर रही है। वहीं इलाके में सक्रिय नक्सलियों को अब सीधे आत्मसमर्पण करने की अपील की जा रही है।