हाथों में दिखी तख्तियां, विधानसभा स्थगित

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में हंगामा कर काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली जल बोर्ड की वन टाइम सेटलमेंट स्कीम पर विधानसभा में संकल्प पास किया।

आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में हंगामा कर काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष ने 30 मिनट तक सदन की कार्रवाई स्थगित की। आम आदमी पार्टी के विधायक काम नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मांग के संबंध में हाथों में तख्तियां लेकर विरोध किया। उन्होंने उपराज्यपाल से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

आप विधायकों ने सदन में हंगामा करने के बाद विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। पानी के बिल माफ करने वाली योजना रोकने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में उपराज्यपाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल काम रोकने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।

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विधानसभा की कार्रवाई दोबारा शुरू होने के बाद भी आप विधायकों ने हंगामा जारी रखा। वह अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। सभी विधायक वेल में आकर नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की सीट के सामने आकर भी नारेबाजी की। इस कदम को विधानसभा अध्यक्ष ने गलत ठहराते हुए वहां से हटाने का निर्देश दिया। आप विधायकों ने नारेबाजी तेज की। उनके शांत न होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कल तक के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित की।

अधिकारी ने कैबिनेट में प्रस्ताव रखने से किया मना

केजरीवाल ने बताया कि 13 जून 2023 को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को पास किया गया था। इस स्कीम को तो तुरंत लागू कर देना चाहिए था। स्कीम को बोर्ड से पास हुए आठ महीने हो गए, लेकिन अधिकारियों ने इसे लागू करने से मना कर दिया। आज स्थिति यह है कि स्कीम को कैबिनेट में लाना है। कैबिनेट पास करेगी तभी स्कीम लागू होगी।

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इस स्कीम पर वित्त सचिव को अपने कमेंट्स देने हैं। वित्त सचिव ने फाइल पर लिख दिया कि वह कमेंट्स नहीं देंगे, जबकि शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उनको लिखित आदेश दिया कि इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाए।

काम नहीं करने दे रही भाजपा: केजरीवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा काम नहीं करने दे रही है, लेकिन फिर भी केजरीवाल सारे काम करवा लेता है। भाजपा ने मोहल्ला क्लीनिक रोके, लेकिन हमने रुकने नहीं दिया। भाजपा ने सीसीटीवी कैमरे रोके, तो वह 10 दिन तक उपराज्यपाल के कमरे के अंदर धरने पर बैठे रहे। पिछले साल सरकारी अस्पतालों की दवाइयां रोकी, लेकिन हमने दोबारा चालू करवा दी। इसी तरह फरिश्ते स्कीम रोकी, हम सुप्रीम कोर्ट गए और फरिश्ते स्कीम पास कराकर लाए।

10 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल बोर्ड के 27 लाख उपभोक्ता हैं, इसमें से 10 लाख घरेलू उपभाेक्ता पानी का बिल नहीं भर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं को लगता है कि उनके बिल गलत आए हैं। ये उपभोक्ता पानी का बिल नहीं भर रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इसके बारे में पॉलिसी लेकर आए। दरअसल कोविड के दौरान कई महीनों तक मीटर रीडर पानी के मीटर की रीडिंग लेने नहीं गए और औसत अनुमान के आधार पर बिल बना दिए गए और किसी की फर्जी रीडिंग लिख दी गई।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

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