बालोद। यहां के एक मतदान केंद्र में एक ऐसा मामला आया जिसके चलते थोड़ी देर तक बहसबाजी की स्थिति निर्मित हो गई। जिले के दल्लीराजहरा के बूथ क्रमांक 201 से एक महिला का वोट किसी और ने दाल दिया।

गुरुनानक स्कूल के मतदान केंद्र में मतदान करने गाडरपुल की रहने वाली मधु लालवानी पति गोवर्धनदास पहुंची तो उनको पता चला कि उनका वोट किसी और ने दे दिया है। इसके बाद काफी हंगामा हुआ।

पीठासीन अधिकारी ने दी ये सुविधा

हंगामे के बाद महिला को पीठासीन अधिकारी ने निविदत्त मतपत्र की प्रक्रिया के माध्यम से मतदान कराया तब जाकर मामला शांत हुआ। पीठासीन अधिकारी ने बताया कि अधिकारी क्रमांक एक से पहचान में कुछ गलती हुई है। दूसरे का वोट दूसरे द्वारा डाला गया है।नियमानुसार हमने निविदत्त मतपत्र से मतदान करा दिया है।

क्या होता है निविदत्त मतपत्र..?

यदि कोई मतदाता अपने मतदान केन्द्र पर मतांकन के लिए जाता है और वहां आकर उसे पता चलता है कि उसका मत पूर्व से ही डाला जा चुका है तो पीठासीन अधिकारी उसकी पहचान के संबंध में पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर पाने के पश्चात् उस मतदाता को निर्वाचनों का संचालन नियम 1961 के नियम 49 के अधीन निविदत्त मतपत्र जारी करेगा। यह मतपत्र उसकी डिजाइन का होगा जैसा कि ईव्हीएम में लगाया गया है।

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इस मतपत्र पर मतदाता एरोक्रॉस मार्क सील के द्वारा अपना मतांकन कर उस मतपत्र को पीठासीन अधिकारी को देगा जिसको पीठासीन अधिकारी द्वारा इस हेतु दिए गए लिफाफे में रख कर सील करेगा एवं सामग्री संग्रहण केन्द्र में जमा करेगा। समस्त पीठासीन अधिकारियों को 20-20 निविदत्त मतपत्र उपलब्ध कराए जाते हैं।