टीआरपी डेस्क। जगदलपुर के छिंदबाहर गांव में कोर्ट के दखल के बाद अंतिम संस्कार किए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल धर्म परिवर्तन के कारण एक परिवार के मृतक को अंतिम संस्कार के लिए जमीन नहीं दी जा रही थी।

शव के अंतिम संस्कार के लिए मजबूर होकर परिजनों को कोर्ट जाना पड़ा। परिवार ने इस मामले में हाईकोर्ट में अपील की थी। इसके बाद कोर्ट ने निजी जमीन पर शव दफनाने के लिए निर्देश दिया।

दरअसल, 25 अप्रैल को जगदलपुर के छिंदबाहर में सार्थिक कोर्राम परिवार के युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद गांव के लोगों ने गांव में ही अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार के लोगों को शमशान में जमीन नहीं दिए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया।

लगातार बढ़ते विरोध के कारण मृतक के परिजनों में हाईकोर्ट में अपील की। बाद में कोर्ट के निर्देश पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा में निजी जमीन पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।

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आपको बता दें कि बस्तर में धर्मांतरण से जुड़ा यह पहला मामला नहीं। स्थानीय आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच इस तरह के विवाद बार-बार सामने आते ही रहते हैं। अब कोर्ट के फैसले के बाद संभावना जताई जा रही है कि अब इस मामले का कोई हल निकल सकता है।

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