रायपुर। सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी रामकी के कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किए जाने के विरोध में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाले सभी सफाई मित्र हड़ताल पर चले गए हैं। यही वजह है कि आज राजधानी के किसी भी मोहल्ले में कचरा एकत्रित नहीं हुआ। इस बीच सफाई मित्रों ने अपना वेतन बढ़ाने की भी मांग कर दी, जिसके चलते मामला अटक गया है।

कलेक्शन पॉइंट में खड़ी कर दी गाड़ियां

बताया जा रहा है कि कल मोहित मोनू साहू नामक युवक ने आसकरण कोसले नाम के सफाई मित्र के साथ मारपीट की थी। इस घटना को लेकर गुढ़ियारी थाने में शिकायत भी की गई, मगर कार्रवाई नहीं होने से आज सभी ने काम बंद कर दिया। सभी हड़ताली कर्मचारी दलदल सिवनी कलेक्शन प्वाइंट पर एकत्रित हो गए। गाड़ियां वहीं पार्क कर दी गई हैं। इस बीच यह जानकारी सामने आ रही है कि आरोपी के फरार होने से उसे पकड़ा नहीं जा सका है।

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कर्मियों ने दूसरी मांगें भी जोड़ी

TRP न्यूज़ ने इस मुद्दे पर सफाई ठेका कंपनी रामकी के प्रोजेक्ट हेड योगेश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि सफाई मित्र से मारपीट के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस की है। उसके अलावा कर्मियों ने अब वेतन बढ़ाने की मांग भी कर दी है, साथ ही यह भी कहा है कि कचरा कलेक्शन के समय नागरिकों से उनका विवाद अक्सर सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग लेने के चक्कर में होता है। योगेश कुमार ने बताया कि राजधानी रायपुर में सफाई और अन्य कार्यों से जुड़े लगभग 850 कर्मचारी कार्यरत हैं। आज हड़ताल कर रहे कर्मियों से चर्चा हुई है, उन्हें वेतन संबंधी मांग को मुख्यालय भेजने के लिए आश्वस्त किया गया है। साथ ही नगर निगम से शहर में अलग-अलग सूखे और गीले कचरे के प्रबंधन के लिए बाल्टियों का इंतजाम करने का अनुरोध किया गया है।

योगेश कुमार ने बताया कि फिलहाल 2 मांगें हैं, ये बढ़ भी सकती हैं, प्रबंधन का प्रयास जल्द से जल्द हड़ताल ख़त्म कर सफाई कार्य शुरू करने को लेकर है।

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बकाये का 2 करोड़ भुगतान किया नगर निगम ने

इस मामले में नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने TRP न्यूज को बताया कि सफाई मित्रों की वेतन बढ़ाने संबंधी मांग रामकी कंपनी का इंटरनल मामला है। हालांकि नगर निगम ने रामकी का बकाया 2 करोड़ रूपये का भुगतान भी कर दिया है। जहां तक सूखे और गीले कचरे का सवाल है, नगर निगम ने शहर भर में सवा दो लाख डस्ट बिन बांटे, और इसके बाद 10 हजार 500 और डस्ट बिन बांटे गए। अब सफाई मित्रों की यह जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों से अलग-अलग कचरा लें। शहर में काफी साल पहले डस्ट बिन बांटे जाने की बात पर अपर आयुक्त ने कहा कि फ़िलहाल शासन स्तर से उन्हें इसके लिए कोई आबंटन नहीं मिला है, इसलिए नए डस्ट बिन बांटने की कोई योजना नहीं है, मगर नागरिकों से समय-समय पर सूखे और गीले कचरे अलग-अलग देने की अपील की जाती है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जाता है।

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