रायपुर। रविवार को जब राष्ट्रपति प्रांगण में मंत्रियों को शपथ दिलाने की खबर आई तो लोगों में प्रदेश की 11 में से 10 सीट पार्टी को दिलाने वाले छत्तीसगढ़ के कोटे के उस चेहरों की चर्चा शुरु हो गई जिसे इस बार मोदी कैबिनेट में मंत्री पद मिलने की सबसे ज्यादा उम्मीद थी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़े अंतर से हराने वाले संतोष पांडेय, दूसरी बार दुर्ग से जीतकर आए विजय बघेल और सर्वाधिक मतों से जीतकर पहुंचे अनुभवी नेता बृजमोहन अग्रवाल को मंत्री पद मिलने उम्मीद थी।

मगर दोपहर में पीएमओ से आए एक फोन काल ने कईयों को चौंका दिया। बिलासपुर से पहली बार संसद चुनकर लोकसभा में पहुंचे तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री बन गए। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसे बीजेपी का प्रयोग कहे या संयोग..मगर लोरमी के तो भाग्य की खुल गए। लोरमी विधायक अरुण साव पहले ही प्रदेश में डिप्टी सीएम का पद संभाल रहे हैं अब लोरमी के एक ग्राम पंचायत में पंच से अपना पालिटिकल करियर शुरु करने वाले तोखन साहू केंद्र में मंत्री बन गए हैं। यानि लोरमी में भाजपा का डबल इंजन ट्रैक पर तैयार हो गया है।

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खबरीलाल की मानें तो विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी को ओबीसी वोट बैक के एक तरफा समर्थन का जो पेंज फंसा हुआ था उसे बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के नतीजे आने पर सुलझा लिया। अरुण साव को सीएम नहीं बनाने से नाराज साहू समाज की नाराजगी तोखन साहू को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाकर दूर कर दी। हालांकि छत्तीसगढ़ में लोग इसे बीजेपी नेतृत्व के चौंकाने वाले फैसले के रूप में देख रहे हैं मगर अंदरूनी बात तो बीजेपी के नेता भी जानते थे।

खैर उम्मीद की जानी चाहिए कि लोरमी में भाजपा का डबल इंजन बिलासपुर जिले के विकास को नई पटरी पर लेकर जाएगा। मुंगेल कवर्धा रेल लाइन समय पर पूरा होगा और कल कारखाना भी खुलेंगे। और मोदी की गारंटी का लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा।