बिलासपुर। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने लंबे समय से गैरहाजिर एक शिक्षिका को सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि एक अन्य शिक्षिका की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) मंजूर कर ली गई है। दो अन्य शिक्षकों के मामलों में जांच रिपोर्ट और मेडिकल प्रमाण पत्र मांगे गए हैं।
बार-बार की नोटिस के बाद भी हाजिर नहीं
संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय के अनुसार, शिक्षक रेणुका राय की सेवा समाप्त कर दी गई है। वे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटियारी, विकासखंड बिल्हा में पदस्थ थीं और 6 जून 2016 से लगातार अनुपस्थित चल रही थीं। डीईओ और संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने कई नोटिस जारी किए, परंतु वे उपस्थित नहीं हुईं। शासन के निर्देशानुसार उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
एक अन्य शिक्षिका, केकती कौशिक की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन मंजूर कर लिया गया है। वे बिल्हा ब्लॉक के महमंद मिडिल स्कूल में पदस्थ थीं और उनका वीआरएस 30 सितंबर 2022 से स्वीकृत किया गया।
शिक्षक दिव्य नारायण रात्रे के संबंध में डीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीईओ ने उन्हें 2016 से गैरहाजिर माना है, जबकि रात्रे का कहना है कि वे 2019 से चिकित्सा अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति की स्थिति विवादास्पद होने के कारण मामले को पुनः जांच के लिए भेजा गया है।
इसी प्रकार, सीपत मिडिल स्कूल के शिक्षक श्याम सुंदर तिवारी लगभग दो साल से अनुपस्थित हैं। संयुक्त संचालक शिक्षा ने उन्हें 15 जुलाई 2024 को जवाब देने के लिए बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। स्कूल के प्राचार्य के अनुसार, तिवारी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। डीईओ को उनके स्वास्थ्य की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इन दोनों मामलों में 16 अगस्त तक डीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है।


