0 पार्टी द्वारा गौवंश की रक्षा के लिए आंदोलन का आगाज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी द्वारा गौ सत्याग्रह के माध्यम से गौ माता की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया गया। अनेक स्थानों पर कांग्रेसियों ने बड़ी संख्या में गौवंश को लेकर प्रदर्शन किया और इन्हें हांकते हुए सरकारी कार्यालयों में पहुंच गए। इस दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

बरसते पानी में किया प्रदर्शन

राजधानी रायपुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में गौमाता के सम्मान और रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने बरसते पानी में भी सत्याग्रह आंदोलन किया। गौ-सत्याग्रह का आगाज आज रायपुर के कांग्रेस भवन गांधी मैदान में काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ।

क्या कहना है कांग्रेस पार्टी का..?

इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में गौठानों का संचालन नहीं होने से प्रदेश में मवेशी व गौवंश दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं, उनके मुताबिक जिस प्रकार उनकी तस्करी को बढ़ावा दिया जा रहा है, यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस स्थिति को अनदेखा कर रही है या तो जानबूझकर कर रही है। पूर्व की कांग्रेस सरकार में गौ माता की रक्षा के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में गौठान का निर्माण किया गया था, जहां पर गौ माता की आहार से लेकर ईलाज तक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। लेकिन जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब से हर चौक-चौराहों, मुख्य मार्गों व ग्रामीण सड़कों पर भी मवेशी के दिन और रात विचरण करने से गंदगी होती है और वातावरण दूषित भी हो रहा है, वहीं गौवंश व मवेशी सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर अपने प्राण गंवा देते हैं और दूसरी तरफ व्यापारिक गिरोहों द्वारा इनकी तस्करी भी की जा रही है।

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इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राजधानी के गांधी मैदान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। इस दौरान सांकेतिक तौर पर गायों के मुखौटे पहने हुए सांकेतिक प्रदर्शन भी किया गया।

पूर्व सीएम के एरिया में फोर लेयर बेरिकेट

उधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मवेशियों के साथ नजर आये। यहां पार्टी के कार्यकर्त्ता मवेशियों को हांकते हुए जा रहे थे, वहीं उनके पीछे पूर्व सीएम और अन्य नेता चले जा रहे थे।

इन्हे रोकने के लिए पतन के SDM, तहसील और जनपद कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर चार लेयर में बेरिकेटिंग की गई थी। प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच ही यहां इलाके के SDM पहुंचे, जिन्हें ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि खुले में घूम रहे मवेशी लोगों के खेत में घुस रहे हैं और आपस में झगड़े हो रहे हैं। प्रशासन इन्हें रोकने का इंतजाम कराये अन्यथा, कांग्रेसी मवेशियों को लेकर सरकारी कार्यालय में छोड़ेंगे।

यहां पटाखे फोड़कर गायों को भगाते नजर आये सरकारी कर्मी

बिलासपुर जिले के कोटा में भी यहां के विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में हंगामेदार प्रदर्शन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान जनपद सीईओ की अनुभवहीनता भी सामने आई । उन्होंने अपने मेन गेट को बंद करवा दिया और अपने कर्मचारियों को बम पकड़ा दिए जिनके द्वारा गायों को बिचकाने के लिए फटाके फोड़ना शुरू कर दिया गया। इससे गायें बिदकने लगी और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

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दरअसल प्रदर्शकारियों ने शहर से सड़कों पर बैठी गायों को हकालना शुरू करते हुए एसडीएम कार्यालय की तरफ बढ़ना शुरू किया तो धीरे-धीरे इस रैली में गायों की संख्या बढ़ती गई । प्रशासन ने भी इस स्थिति से निपटने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। कार्यालयों के मेन गेट बंद कर दिए गए थे और पुलिस प्रशासन के साथ ही कोटवारों को भी स्थिति संभालने में लगा दिया गया था। गायों को लेकर जब कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम आफिस के पास पहुंचे तो स्थिति बिगड़ने लगी। भारी संख्य में मौजूद कार्यकर्ता और सुरक्षा में लगे कर्मचारियों के बीच गाएं पिसती नजर आई । इस बीच प्रशासन ने गाड़ियों के सायरन बजाने शुरू कर दिए और जनपद सीईओ ने फटाके फोड़ने के लिए अपने कर्मचारियों को लगा दिया जिससे गाय बिदकने लगी ।

प्रदर्शन के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा किअच्छा होता यदि आज सुबह से ही प्रशासन अपने कर्मचारियों को लगाकर शहर की सड़कों पर बैठी गायों को सुरक्षित गौशाला में छोड़ आती, तब कांग्रेस को सड़क पर कोई मवेशी ही नजर नहीं आते लेकिन अधिकारियों ने ये उपाय ना करके फटाके फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित करवा लिया। कुछ इसी तरह का प्रदर्शन भर में किया गया।

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