बिलासपुर। बिलसपुर वन विभाग ने तोता व अन्य पक्षियों की बिक्री करने और उसे पिंजरे में कैदकर पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। बिलासपुर DFO ने पक्षी पालने वालों को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

ऐसा नहीं करने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। सभी पक्षियों को पिंजरे से निकालकर कानन पेंडारी जू प्रबंधन को सौंपने कहा है। इसके लिए टोल फ्री (18002337000) नंबर भी जारी कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा। आदेश के बाद तोता सहित पक्षी पालने वालों में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, विभाग की निष्क्रियता और ध्यान नहीं देने के कारण धड़ल्ले से खरीदी- बिक्री हो रही है। प्रतिबंधित पक्षियों को लोग पाल भी रहे हैं। इस पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने नाराजगी जाहिर की है। राज्य पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने वन विभाग ने निर्देश पर प्रदेश भर में तोता सहित वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की अधिसूची में दर्ज सभी पक्षियों को वन विभाग को सौंपने का आदेश जारी किया है।

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इन जानवरों को रखने की छूट

भारत में गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली, भेड़, बकरी, कबूतर, खरगोश, मुर्गे और मछली (कुछ तरह की) पालने की छूट है।

इन्हें पालने पर है प्रतिबंध

सारस, तीतर, तोता, बत्तख, मोर, उल्लू और बाज जैसे पक्षियों को भी आप नहीं पाल सकते हैं वहीं जानवरों की बात करें तो ऊंट, हिरन, बंदर, हाथी, शेर, तेंदुआ आदि जानवरों को आप घर पर नहीं रख सकते। इसी के साथ ही मगरमच्छ, सांप और कछुए को रखना भी गैरकानूनी है।

अगर कोई व्यक्ति प्रतिबंधित जानवरों को पालता है और इसकी शिकायत विभाग को दी जाती है तो उस शख्स के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।