0 दुकानों में रेट के बोर्ड नहीं लगाते सेल्समैन
0 टोल फ्री नंबर लगाने पर मिलता है बंद

रायपुर। प्रदेश भर में आबकारी विभाग सरकारी शराब दुकानों का संचालन कर रहा है और ठेके पर कर्मचारी सेल्समैन का काम कर रहे हैं। कुछ माह पूर्व विभाग की टीमों ने औचक निरीक्षण कर कई दुकानों में कर्मचारियों को ओवर रेट पर शराब बेचते हुए पकड़ा और ऐसे कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने के साथ ही इनके खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई। इस तरह की कठोर कार्रवाई के बाद भी प्रदेश की राजधानी में शराब दुकानों के कर्मी निर्धारित दर से ज्यादा कीमत पर बिक्री कर रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिन अधिकारियों को अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी दी गई है उनके संरक्षण में ही इस तरह का अवैध कारोबार चल रहा है।

राजधानी में शराब दुकानों से ओवर रेट की शिकायतें थम नहीं रही हैं। अधिकांश दुकानों में देशी-विदेशी मदिरा एमआरपी के अलावा बढ़ी हुई कीमतों में बेची जा रही है। देशी मदिरा की बिक्री में तो चिल्लर की किल्लत का बहाना बना रहे हैं। वहीं विदेशी मदिरा की कीमत में दुकानदार की मनमर्जी चल रही है। आलम यह है कि आबकारी सचिव आर. शंगीता के तमाम निर्देशों के बाद भी ओवररेट बिक्री नहीं रुक रही है। बता दें कि राजधानी में शराब बिक्री में ओवर रेट की शिकायत पुरानी ही है।

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सुनियोजित ढंग से अधिक दर पर बेच रहे शराब

TRP न्यूज द्वारा की गई तहकीकात के दौरान राजधानी की जिन सरकारी दुकानों में MRP से अधिक दर पर शराब की बिक्री नजर आयी, उनमें भाटागांव एफएल, भाटागांव देशी, लालपुर, संतोषी नगर एफएल सीएल, मौदहा पारा, तात्या पारा, शांति नगर एफएल, मोटर स्टैंड, कदर चौक, सदर बाजार, शंकर नगर इलाके में संचालित दुकानें शामिल हैं, जहां शराब की बोतलें एमआरपी से अधिक दर पर बेची जा रही हैं।

कुछ दुकानों में शराब की कीमत को लेकर बोर्ड लगा भी नजर आता है मगर कीमत इतने छोटे अक्षरों में लिखी होती है कि उन्हें अच्छी तरह पढ़ा नहीं जा सकता। दुकानों से शराब खरीदते समय अधिकांश ग्राहक ज्यादा दर होने पर भी विरोध नहीं करते, वहीं जो शख्स विरोध दर्शाता है, उससे आसपास मौजूद चंद युवक बहस करने लगते हैं और आरोप लगाते हैं कि वे दुकान चलाने में व्यवधान डाल रहे हैं। ऐसे में ग्राहक चुपचाप अधिक दर से ही सही, अपने लिए बोतल खरीदता है और वहां से निकल जाता है। दरअसल ओवर रेट वाली दुकानों में ऐसे ही कुछ बदमाश युवकों को हायर करके रखा गया है, जो ओवर रेट की बात उठाने वाले वालों को दबाव पूर्वक शांत करने का प्रयास करते हैं।

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इलाके के आबकारी अधिकारियों का संरक्षण

एक बात तय है कि अगर इलाके का आबकारी अमला अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाए तो किसी भी दुकान में ओवर रेट में शराब नहीं बिक सकती। स्वाभाविक है कि इस अमले के संरक्षण में ही सेल्समैन खुलकर अधिक दर पर शराब बेच रहे हैं।

शिकायत के लिए नहीं लगा है टोल फ्री नंबर का बोर्ड

दरअसल आबकारी विभाग ने शराब की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई भी शिकायत होने पर टोल फ्री नंबर 14405 का इन दुकानों में बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है, मगर इस तरह के बोर्ड या स्टिकर गायब हैं। कुल मिलाकर शराब दुकानों पर विभाग का कंट्रोल नहीं के बराबर दिखाई देता है।

टोल फ्री नंबर लगाओ तो मिलता है बंद

TRP न्यूज की टीम ने आबकारी विभाग के टोल फ्री नंबर को जांचने की नियत से रात 8 बजे कॉल किया। इस दौरान जवाब आया कि अपने जो नंबर डायल किया है, वो अभी बंद है। इसी तरह हमने दिन में 12. 38 बजे भी फोन लगाया, मगर तब भी यह नंबर बंद बताता रहा। इससे समझा जा सकता है कि विभाग की व्यवस्था की हकीकत क्या है।

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MD की चेतावनी के बावजूद हो रही नाफरमानी

मिली जानकारी के मुताबिक आबकारी विभाग के CSMCL के नए MD श्याम धावड़े ने कुछ समय पूर्व ही शहर में संचालित शराब दुकानों का अपने अधीनस्थों के साथ दौरा किया था। इस दौरान कुछ दुकानों में कर्मचारी अधिक दर पर शराब बेचते पाए गए। जिसके बाद धावड़े ने आबकारी अधिकारियों को चेतावनी दी कि आइंदा ओवर रेट पर शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। मगर ऐसा लगता है कि इस चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ है, तभी तो अब भी अधिक दर पर शराब की बिक्री हो रही है।

बहरहाल यह देखने वाली बात होगी कि विभाग के प्रमुख अधिकारी और सचिव इस तरह की अव्यवस्था पर रोक लगाने के लिए कोई प्रयास करते हैं या फिर इसी तरह ढर्रे पर दुकानें यूं ही चलाई जाती रहेंगी।