रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के छातासराई गांव की सरपंच सावित्री नाग और सचिव लीलाम्बर यादव पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। इस मामले में एसडीएम की जांच के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

सरपंच और सचिव पर आरोप है कि उन्होंने 2023-24 में शासकीय राशि की अनियमितता बरतते हुए मजदूरी, मिस्त्री, रेजा, और बालू परिवहन की कुल 57, 750 रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये का गबन भी किया है। इन पैसों का इस्तेमाल विकास कार्यों में होना था, लेकिन कार्य अधूरे रहने के बावजूद राशि निकाल ली गई।

यह मामला तब उजागर हुआ जब पंचायत के वार्ड पंच समेत 30 ग्रामवासियों ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी थी। ग्रामीणों ने 2020 से जून 2024 तक पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की मांग की थी, जिसमें स्टेटमेंट, बिल वाउचर, और कैशबुक का ऑडिट शामिल था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि DMF मद से स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवन का कार्य अधूरा रह गया था, लेकिन पैसा निकाल लिया गया।

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एसडीएम ने की कार्रवाई

जांच के दौरान एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी की टीम ने इन आरोपों को सही पाया। इसके बाद सरपंच सावित्री नाग को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39(1) के तहत उनके पद से निलंबित कर दिया गया। वहीं सचिव लीलाम्बर यादव को भी निलंबित किया गया है और उनसे गबन की गई राशि वसूलने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।