रायपुर। आबकारी, कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग जैसे घोटाले के मामले में जेल में बंद आरोपियों को अब प्रदेश के अलग-अलग जेलों में रखा जायेगा। कोर्ट ने इन आरोपियों को एक साथ नहीं रखने के आदेश दिए हैं। इनमें आबकारी घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर को अंबिकापुर जेल, अनिल टुटेजा को कांकेर जेल और ए पी त्रिपाठी को जगदलपुर जेल में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जानें क्या है वजह…

इसके अलावा, कस्टम मिलिंग के आरोपी मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को दंतेवाड़ा जेल और कोयला घोटाले के मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी को जगदलपुर जेल में ट्रांसफर करने के आदेश दिए गए हैं। यह फैसला ईडी की विशेष कोर्ट ने रायपुर जेल में एक साथ रहकर सिंडिकेट चलाने और वीआईपी ट्रीटमेंट की मिली शिकायत पर ईडी के आवेदन के बाद सुनाया है।

गौरतलब है कि अमूमन जेलों में बंद खूंखार कैदियों के प्रभाव को खत्म करने के लिए अलग-अलग जेलों में भेज दिया जाता है। मगर यह संभवतः पहला मौका है जब कथित सफेदपोश अपराधियों को इस तरह अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर किया जा रहा है। पूर्व में जब कांग्रेस सरकार थी तब ED द्वारा गिरफ्तार आरोपियों को VIP ट्रीटमेंट दिए जाने की खबरें अक्सर जेल से बाहर आती रही हैं। हालांकि BJP की सरकार के आने के बाद सुविधाएं घटा दी गईं। पिछले दिनों सेंट्रल जेल रायपुर में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते ही कलेक्टर-एसपी ने यहां का औचक निरीक्षण किया था। इसी के मद्देनजर ED ने भी न्यायालय से अनुरोध किया था कि सभी आरोपियों को अलग-अलग जेलों में रखा जाये।

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