रायपुर। Dhanteras Muhurat: धनतेरस के साथ आज 29 अक्टूबर 2024, मंगलवार से दीपावली पर्व के त्योहार की शुरुआत हो गई है। इस बार पांच दिन के बजाए यह महापर्व छह दिन का होगा। धन, सुख वैभव के प्रतीक धनतेरस पर इस बार त्रिपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। यह पूंजी के निवेश और खरीदारी के लिए विशेष शुभकर है। यह संयोग भी दो दिन प्राप्त हो रहा है।

Dhanteras Muhurat: 29 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग सुबह 06 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस वर्ष धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग पड़ रहा है जो कि शुभ है। मंगलवार होने से भूमि, भवन और वाहन की खरीद बहुत उत्तम रहेगी। आज के दिन मिट्टी के गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति, रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला, सतनाजा, कोई भी हरी सब्जी और आयुर्वेदिक दवा की खरीदी भी शुभ माना जाता है।

Dhanteras Muhurat: सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा खरीदारी का शुभ समय

See also  झारखंड के मुख्यमंत्री ने टि्वटर पर सीएम बघेल से मांगी सहायता, तुरंत मजदूरों के खाने-पीने के साथ घर जाने की भी कराई व्यवस्था

29 अक्तूबर त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और इसी के साथ ही धनतेरस की खरीदारी का शुभ समय शुरू हो जाएगा। सुबह 10:40 से दोपहर 12 बजे के बीच लाभ चौघड़िया का शुभ मुहूर्त होगा। दोपहर 12 से 130 बजे के बीच अमृत चौघड़िया का शुभ मुहूर्त होगा। 2 से 3 बजे के बीच स्थिर लग्न, शाम 7:12 से रात 8:49 बजे के बीच लाभ चौघड़िया भी खरीदारी के लिए श्रेष्ठ रहेगा।

घर/मकान/फ्लैट बुकिंग का शुभ मुहूर्त-
दोपहर 2 से 3 बजे के बीच

वाहन खरीदारी का शुभ मुहूर्त-
दोपहर 12 से 130 बजे तक

सोना चांदी खरीदारी का शुभ मुहूर्त-
सुबह10:40 से 12 बजे तक
शाम 7:12 से 8:49 तक

खरीदारी के लिए दो दिन

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि आरंभ- 29 अक्टूबर, सुबह 10 बजकर 32 मिनट से
कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि समाप्त- 30 अक्टूबर, दोपहर 01 बजकर 16 मिनट तक

खरीदारी के शुभ मुहूर्त

●सुबह 10:40 से 12 बजे तक – लाभ चौघड़िया

See also  किसान आत्महत्या को लेकर पक्ष और विपक्ष में हुई तीखी बहस

●दोपहर 12 से 1:30 तक – अमृत चौघड़िया

●दोपहर 2 से 3 बजे के बीच – स्थिर लगन का मुहूर्त

●शाम 7:12 से 8:49, लाभ चौघड़िया

राहुकाल में न करें खरीदी

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 29 अक्तूबर को दिन में तीन बजे से शाम 04 बजकर 30 मिनट बजे की बीच राहुकाल रहेगा। इस बीच खरीदारी न करें।