रायपुर। खैरागढ़ के एक नामी बिल्डर विकास आर्या को दूसरे की जमीन को अपना बताकर बेचने और अग्रिम भुगतान के पैसे वापस न करना भारी पड़ गया। शिकायत के बाद, आईजी के निर्देश पर पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता, अस्पताल चौक निवासी सीबी तिवारी ने बताया कि उन्होंने 18 अगस्त 2020 को खम्हरिया खुर्द, पटवारी हल्का नंबर 31, ब्लॉक नंबर 01, प्लॉट नंबर 39 की 2500 वर्गफुट जमीन खरीदने के लिए बिल्डर विकास आर्या से एक एग्रीमेंट किया था। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग किश्तों में 6 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया। एग्रीमेंट के अनुसार, जनवरी 2021 तक जमीन की रजिस्ट्री होनी थी। लेकिन बिल्डर ने लगातार टालमटोल करना शुरू कर दिया।

बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में बिल्डर के नाम पर नहीं थी। यही नहीं, बिल्डर ने तय समय से पहले ही वही जमीन किसी और को बेच दी थी। जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो बिल्डर ने आनाकानी शुरू कर दी।

See also  Breaking News : बालको प्लांट में हादसे की खबर, एक श्रमिक झुलसा, कुछ अन्य घायल

IG से शिकायत के बाद हुआ एक्शन

शिकायतकर्ता ने पहले एसपी कार्यालय और थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन बिल्डर के रसूख के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः थक-हारकर उन्होंने आईजी से शिकायत की। जांच के दौरान, एसडीओपी कार्यालय ने आरोपों को सही पाया, जिसके बाद पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

जिले में सक्रिय भू-माफियाओं का गिरोह

जिले में भू-माफियाओं के जाल का शिकार कई लोग हो रहे हैं। भू-माफिया दूसरों की जमीन को अपना बताकर सौदा करते हैं और अग्रिम भुगतान लेने के बाद पैसे लौटाने से इनकार कर देते हैं। रसूखदार माफियाओं के खिलाफ आम लोग शिकायत करने में हिचकते हैं, जिससे ये गिरोह लगातार सक्रिय बने हुए हैं।