जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा जनपद के कोटमी सोनार गांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से जुड़े 25 लाख रुपये के गबन के मामले में अनुविभागीय अधिकारी विक्रांत अनन्त ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सरपंच रामिन बाई नेताम को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही गबन की गई राशि की वसूली के आदेश भी जारी किए गए हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों ने की थी शिकायत

दरअसल ग्राम पंचायत कोटमी सोनार में हुए गबन का पता चलने पर उपसरपंच सुनीता रात्रे और अन्य पंचों ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की थी। इसके अलावा 25 अक्टूबर को उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया था।

बिना कार्य के ही निकाल ली राशि

इस मामले की जांच में पाया गया कि सरपंच रामिन बाई नेताम और सचिव मोहम्मद इलाही कुरैशी ने पंचायत के बिना प्रस्ताव और बिना कोई कार्य कराए 25 लाख 13 हजार 528 रुपये की राशि का गबन किया। यह जांच चार सदस्यीय टीम द्वारा की गई, जिसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अकलतरा ने गठित किया था। जांच रिपोर्ट को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भेजा गया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

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सरपंच के निलंबन के बाद शिकायतकर्ता उपसरपंच सुनीता रात्रे ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में एक अच्छा कदम है।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अकलतरा को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत गबन की राशि वसूलने और सचिव पर भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।