केशकाल। कोंडागांव जिले के केशकाल ब्लॉक में बीआरसी कार्यालय एवं वेंडर के मिलीभगत से दर्जनों स्कूलों की अनुदान राशि के फर्जी आहरण का खुलासा हुआ है मामले की शिकायत के बाद दो-दो बार जांच भी हुई मगर अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। जिसके चलते छ ग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, केशकाल ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। आज जब धरने की तैयारी चल रही थी, तभी कलेक्टर के निर्देश पर SDM ने संघ को वार्ता के लिए बुलाया और जल्द ही कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया। इसे देखते हुए यह प्रदर्शन फ़िलहाल स्थगित हो गया है।

जानिए, किस तरह किया गया फर्जीवाड़ा…

छ ग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष स्कूलों को जरुरी खर्चों के लिए अनुदान दिया जाता है। पहले यह राशि प्रधान पाठकों के खाते में आती थी, मगर अब यह राशि ऑनलाइन जारी होती है और फिर प्रधान पाठक ऑनलइन आईडी पासवर्ड के जरिये यह राशि सीधे वेंडर यानि, जिनके पास सामान खरीदने है, उनके खाते में ट्रांसफर करते हैं। पूर्व में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए यह तरीका अपनाया गया मगर केशकाल के BRC कार्यालय की टीम ने इसे ही करप्शन का जरिया बना लिया। दरअसल ऑनलाइन सिस्टम के आईडी पासवर्ड को BRC कार्यालय द्वारा प्रधान पाठकों को उपलब्ध कराया जाता है। BRC के प्रमुख प्रकाश साहू, लेखपाल ओगरे और कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा मिलीभगत करके खुद ही आईडी पासवर्ड का इस्तेमाल करके दर्जनों स्कूलों की राशि का गबन कर लिया गया। यह रकम लाखों में है।

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घोटाले का ऐसे हुआ खुलासा

BRC कार्यालय केशकाल में हुए इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब जब स्कूलों के लेखा-जोखे की ऑडिट शुरू हुई। इस दौरान कुछ प्रधान पाठकों को पता चला कि उनके अनुदान राशि आबंटित हुई थी और उस रकम को फर्जी बिल वाउचर लगाकर हड़प लिया गया है। दरअसल BRC कार्यालय द्वारा यह अनुदान आबंटित होने की स्कूलों को जानकारी ही नहीं दी गई। और इसका खुलासा आखिर में हुआ। पता चलने पर अन्य प्रधान पाठकों ने भी छानबीन की तब पता चला कि उनके साथ भी धोखा हुआ है।

जांच में उजागर हुए घोटालेबाज

पीड़ित लगभग 22 प्रधान पाठकों ने इस मामले की शिकायत पहले BEO से की BEO ने जांच कराई मगर गड़बड़ी उजागर होने और दोषियों का खुलासा होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद DEO से भी शिकायत की गई, मगर यहां भी मामला ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद प्रशासन के समक्ष मामले को रखा गया मगर नतीजा सिफर रहा। इससे नाराज शिक्षकों ने छ ग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के बैनर तले धरना प्रदर्शन की चेतावनी दे दी। आज ही याने 11 दिसंबर को ब्लॉक मुख्यालय में प्रदर्शन था और तैयारी हो चुकी थी।

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कलेक्टर के निर्देश पर SDM ने बुलाई वार्ता

प्रदर्शन को देखते हुए इससे पूर्व ही कलेक्टर कोंडागांव कुणाल दुदावत के निर्देश पर एसडीएम केशकाल अंकित चौहान ने संघ के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा हेतु आमंत्रित किया। बैठक में प्रशासन की ओर से एसडीएम अंकित चौहान एवं तहसीलदार विजय मिश्र शामिल हुए। इस बैठक में छ ग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने स्पष्ट शब्दों में कार्यवाही नहीं होने से अपनी नाराजगी व्यक्त की। जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी ने धरना स्थगित करने का आग्रह किया और शनिवार तक कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया।

इस पर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने आपस में सलाह मशविरा कर धरना प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला किया। साथ ही कार्यवाही नहीं होने पर संघ ने एसडीएम केशकाल को अगले बुधवार से उग्र प्रदर्शन का अल्टीमेटम भी दिया है। वैसे संघ को उम्मीद है कि इस घोटाले के दोषियों के नाम प्रशासन जल्द ही उजागर करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए FIR भी दर्ज कराएगा।

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इस वार्ता में प्रतिनिधि मंडल में संभागीय सचिव शफीक भारती, जिला अध्यक्ष कौशल नेताम, जिला प्रवक्ता रोशना हिरवानी, ब्लॉक अध्यक्ष अमित मंडावी, श्यामलाल कोर्राम, दिनेश टेकाम, शोएब अली, सी के सलामे, हेमंत ठाकुर, रामसिंग नेताम महेश शोरी शामिल थे। अध्यक्ष
अमित मंडावी ने सभी शिक्षकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए बताया कि हमारी शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है, अनुविभागीय अधिकारी ने समय मांगा है, सभी शिक्षकों के हितों की रक्षा संघ की प्राथमिकता है। कार्यवाही नहीं होने की दशा में आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।