रायपुर। जगह सरकारी लेकिन किराया प्राइवेट के बराबर है। हम बात कर रहे हैं भाठागांव के नए बस स्टैंड के तीसरे मंजिल पर स्थित इनोवेशन सेंटर की। यहां एक वर्किंग डेस्क का किराया 4 हजार रूपए प्रति माह तय किया गया है। यह किराया प्राइवेट कोवर्किंग स्पेस से लगभग आसपास ही है यानी सरकारी सेटअप होने के बावजूद भी युवाओं से प्राइवेट के बराबर ही पैसा लिया जाएगा। फिलहाल सेंटर में 250 की व्यवस्था की गई है, जिसे आगे बढ़ाते हुए 500 से ज्यादा सीटें स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

टीआरपी की टीम ने जब अन्य कोवर्किंग स्पेस सेटअप के फीस की जानकारी ली तो यह पता चला कि ऐसे स्पेस शहर में लगभग 3 हजार रूपए की शुरूआती दर से उपलब्ध है। युवा उद्यमियों को स्टार्टअप में मदद करने उचित दरों पर ऐसे स्पेस उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उन्हें अपने खुद का व्यवसाय खड़ा करने में कोई समस्या न हो।

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हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सेंटर का शुभारंभ किया और ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रूपए निवेश करने की घोषणा की। यह शुभारंभ युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने किया गया है, ताकि युवाओं को स्टार्टअप करने एक उचित स्थान मिल सके और वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सके। ऐसे वर्किंग स्पेस की व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए 1000 डेस्क और स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, घड़ी चौक में एक और 300 सीटर इनोवेशन सेंटर बनाने के लिए जनवरी में भूमिपूजन किया जाएगा।

फायदा किसे और नुकसान किसका
भाठागांव बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर में प्रति डेस्क 4 हजार रूपए प्रति माह की शुल्क तय की गई है। जबकि एजेंसी प्रति 100 सीटों का वार्षिक किराया 7 लाख रूपए निगम को चुकाएगी। ऐसे में लगभग 600 रूपए निगम को किराया दिया जाएगा और 3400 रूपए एजेंसी को बचेगा। वहीं, इनोवेशन सेंटर के शुल्क को लेकर नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा का कहना है कि ऐसे वर्किंग स्पेस के मेंटेनेंस में काफी खर्च होगा, साथ ही यहां इन्क्यूबेशन सेंटर चलाया जाना है। स्टार्टअप लेने वाले युवा और महिलाओं के लिए उनके प्लान अनुसार डिस्काउंट दिया जाएगा। इस शुल्क से एजेंसी को मेंटेनेंस करना है, स्टाफ और सेक्यूरिटी गार्ड एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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क्या है कोवर्किंग स्पेस
कोवर्किंग स्पेस एक सार्वजनिक ऑफिस है। एक ऐसा ऑफिस सेटअप जहां किसी एक कंपनी का नहीं बल्कि अलग-अलग कंपनी और प्रोफेश्नल्स बैठ कर अपना काम करते हैं। इसमें पारंपरिक कार्यालयों की तरह कोई सीमा नहीं होती, यह सस्ती कीमत उपलब्ध होते है। कोवर्किंग स्पेस में इंटरनेट, प्रिंटर, टेबल-कुर्सी, चाय-कॉफी जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाती है। यह छोटे व्यवसाय, फ्रीलांसर और स्टार्टअप लेने वालों के लिए एक अच्छा माध्यम है।