रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सीपीआई (माओवादी) के तीन और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इनकी पहचान सैनुराम कोर्राम, लालूराम कोर्राम और एक अन्य सशस्त्र कार्यकर्ता के रूप में हुई है।

एनआईए ने यह पूरक आरोप पत्र छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में अपनी विशेष अदालत में दायर किया। इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम [यूए(पी)ए] की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोपपत्र में बताया गया कि तीनों आरोपी रतन दुबे की हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। सैनुराम और लालूराम कोर्राम को 27 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

साप्ताहिक बाजार में हुई थी हत्या

रतन दुबे को 4 नवंबर 2023 को कौशलनार गांव के साप्ताहिक बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान कुल्हाड़ियों से काटकर बेरहमी से मार डाला गया। यह हत्या प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों ने की थी। इसका उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करना था।

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जांच से जुड़े नए तथ्य

एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या की साजिश में सीपीआई (माओवादी) की पूर्वी बस्तर संभाग के बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के सदस्यों की भूमिका थी। इस मामले की जांच 23 फरवरी 2024 को एनआईए ने स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ली थी।

5 जून 2024 को एनआईए ने पहले आरोपी धन सिंह कोर्राम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अब सैनुराम और लालूराम के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है।