रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के हॉस्टल से गायब छात्रा हेमलता वर्मा की 25 दिनों बाद भी कोई खबर नहीं है। पुलिस ने अब तक मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की है। छात्रा के परिजनों ने पुलिस, विश्वविद्यालय और हॉस्टल प्रबंधन पर अपनी नाराजगी जताई है। साथ ही यह आरोप लगाया है कि हॉस्टल प्रबंधन बच रहा है और मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार डोंगरगढ़ के ग्राम मुढ़िया के भोजराम वर्मा पेशे से किसान हैं। उन्होंने 7 दिसंबर के बाद अपनी बेटी से बात नहीं की। शुरू में उन्हें लगा कि हेमलता अपनी पढ़ाई में व्यस्त होगी इसलिए बात नहीं हो रही लेकिन जब तीन दिनों तक बेटी का फोन बंद रहा तो वे रायपुर पहुंच गए। हॉस्टल प्रबंधन के जवाब से वे संतुष्ट नहीं हुए और अपने गांव लौट गए। इसके बाद वे डोंगरगढ़ थाना के मोहारा चौकी में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि मामला रायपुर के सरस्वती नगर थाने का है। भोजराम जब फिर सरस्वती नगर थाने पहुंचे तो यहां भी कोई हल नहीं निकला।

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मामले की जानकारी मिलने पर डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल छात्रा के पिता के साथ उसके हॉस्टल पहुंची। पिता के आग्रह पर पुलिस ने युवती के कमरे का ताला तोड़ा। कमरे में छात्रा का चश्मा, मोबाइल, चप्पल, स्वेटर के साथ सारा सामान रखा हुआ था और कमरे की चाबी भी रखी हुई थी। इसके बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो विधायक हर्षिता बघेल के साथ परिजन और सामाजिक सदस्यों ने थाने में धरना दे दिया।

सरस्वती नगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस को यह सूचना मिली है कि रविशंकर विश्वविद्यालय के हॉस्टल से एक छात्रा लापता है, जिस पर उसके कमरे की जांच की गई। फिलहाल गुम इंसान का मामला दर्ज कर आगे जांच की जा रही है।

डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने बताया कि आज 25 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया है। यह मामला बहुत गंभीर है, पुलिस को कम से कम हॉस्टल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। मामले को दबाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और हेमलता के परिजन बहुत परेशान है।

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