रायपुर। साल के पहले दिन सहायक शिक्षकों ने अपनी नौकरी बचाने उग्र प्रदर्शन किया। पिछले तीन दिनों से सहायक शिक्षक राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने तूता धरना स्थल में अपना विरोध जताया, दूसरे दिन तूता में जल सत्याग्रह किया और तीसरे दिन प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने रो-रोकर बताया कि हमें नौकरी से निकाला जा रहा है और हमसे मिलने सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आया।

पूर्व मुुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरे मामले में साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नय साल पर राज्य के युवाओं के साथ छल हुआ है। पूरी प्रक्रिया के साथ 2900 शिक्षकों की भर्ती की गई थी। प्रदेश में शिक्षकों के पद रिक्त है और 33 हजार शिक्षकों की भर्ती रोकी गई है। सरकार नौकरी देने के बजाय नौकरी छीन रही है। नए साल में युवाओं को बधाई देने की जगह सरकार ने उनका जीवन अंधकारमय कर दिया है। नए साल के दिन 30 शिक्षकों को जेल भेज दिया गया। देश में यह एकमात्र सरकार है, जो युवाओं को मिली हुई नौकरी छीन रही है।

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इधर, भाजपा के प्रवक्ता संदीप शर्मा का कहना है कि पूरे मामले में गलत भूपेश बघेल खुद हैं। राहुल गांधी के सामने अपना नंबर बढ़ाने और वाहवाही लूटने के लिए उनसे नियुक्ति पत्र बंटवाया गया। राहुल गांधी के हाथ से नियुक्ति पत्र बंटवाने के लिए उन्होंने लेट से नियुक्ति पत्र जारी किया। आज युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले और कोई नहीं भूपेश बघेल और कांग्रेस सरकार है।