गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के मरवाही ब्लॉक के धरहर गांव में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए हारे हुए प्रत्याशियों ने फिर से मतदान की मांग की है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रणव मरपच्ची ने प्रशासन पर दबाव बनाकर चुनाव को प्रभावित किया, जिससे गड़बड़ी हुई। हालांकि, चुनाव में अनियमितता पाए जाने पर पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन उनका कहना है कि विधायक के दबाव के चलते शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसलिए वे अब इस मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

फर्जी मतदान का आरोप

दरअसल, ग्राम धरहर में 23 फरवरी को हुए पंचायत चुनाव में सरपंच और पंच पद के उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि यहां कुल जितने मतदाता थे। उससे अधिक लोगों से वोटिंग कराई गई जो कि आपत्तिजनक है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विधायक के प्रभाव के चलते प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

See also  इस भाजपा विधायक के खिलाफ युवक ने की PM मोदी से शिकायत, आरोप लगाते हुए कहा…

बता दें कि ग्राम धरहर मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची का गृह ग्राम है और पूर्व में वे यहां से सरपंच भी रह चुके हैं। प्रत्याशियों का आरोप है कि विधायक के गांव के बूथों में विधानसभा और लोकसभा में कांग्रेस जीती थी। विधायक ने प्रशासन के साथ मिलकर यहां पंच-सरपंच जनपद और जिला पंचायत चारो के चुनाव प्रभावित हुए हैं।

यहां से कांग्रेस काल में अर्चना पोर्ते अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष रह चुकी है। इनका आरोप है कि मतदान का रिपोर्ट सभी अभियर्थियों का न देकर व्यक्तिगत दिया गया इसलिए यहां फिर से मतदान कराया जाना चाहिए, अनियमितता को दबाने लाठी चार्ज तक किया गया।

शिकायत में बताया गया है कि बीते 23 फरवरी को हुए पंचायत मतदान के बाद मरवाही ब्लॉक के ग्राम धरहर के वार्ड नम्बर 05 से दो प्रत्याशी गेंदी प्रजापति और शांति बाई सोनवानी उम्मीदवार थे। जहां कुल मतदाता 59 थे और मतदान संख्या 64 रही, जो कि अपने आप फर्जी मतदान होना प्रतीत हो रहा है। शिकायतकर्ताओ ने यहां फिर से मतदान कराए जाने को लेकर ज्ञापन दिया है।

See also  बड़ी खबर : कथित शराब घोटाले में मनीलॉन्ड्रिंग केस सुप्रीम कोर्ट से रद्द, इधर अनवर ढेबर और अरविंद सिंह 12 अप्रैल तक EOW की रिमांड पर