बिलासपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, CIIMS (सिम्स मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल) में बड़ी लापरवाही सामने आयी है। डॉक्टरों और स्टाफ की गलती के कारण पांच महीने की एक गर्भवती महिला का गलत तरीके से गर्भपात हो गया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मिली जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के कोटा (करगी रोड) की रहने वाली गिरजा साहू, जो कि पांच महीने की गर्भवती थीं, पेट दर्द की शिकायत लेकर सिम्स अस्पताल पहुंची थीं। गिरिजा साहू ने बताया कि सिम्स में कोई कविता नाम की महिला भी भर्ती है, जिसके गर्भ में आठ माह का बच्चे की डिलीवरी से पहले मौत हो गई थी। उसका इलाज चल रहा है। शनिवार को डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। लेकिन अस्पताल स्टाफ कविता की जगह गिरिजा को बुलाकर ले गई और उसे अबार्शन का इंजेक्शन लगा दी। गिरिजा ने बताया कि दूसरी मरीज को इंजेक्शन लगाने पर डॉक्टर ने स्टाफ को फटकार लगाई।

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गिरजा साहू ने बताया कि जब डॉक्टरों को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उनके बीच आपस में बहस भी हुई। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस मामले के सामने आते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

क्या कहना है अस्पताल प्रशासन का ?

इस गंभीर लापरवाही पर जब अस्पताल प्रशासन से सवाल किए गए, तो सिम्स के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने इसे लापरवाही मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को डॉक्टरों की बात समझने में कोई गलतफहमी हुई होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिया गया इंजेक्शन केवल खून का रिसाव रोकने के लिए था, न कि गर्भपात के लिए। हालांकि, उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करवाने की बात कही है।

परिजनों की मांग और बढ़ता आक्रोश

परिजनों ने इस घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनके परिवार की खुशियां उजड़ गईं। उन्होंने दोषी डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है और अस्पताल के लापरवाह रवैये पर सवाल उठाए हैं।

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सिम्स में लापरवाही के कई मामले

सिम्स अस्पताल में लापरवाही के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कई बार गलत इलाज, मरीजों की अदला-बदली, और इलाज में देरी के कारण मरीजों की जान जा चुकी है। यह ताजा मामला अस्पताल में फैली कुप्रबंधन और लापरवाही की एक और मिसाल बन गया है।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां स्टाफ ने एक स्वस्थ्य गर्भवती महिला को गलती से अबार्शन का इंजेक्शन लगा दी, जिससे उसके पांच माह का गर्भ खराब हो गया। मामला सामने आने पर परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया और दोषी स्टाफ पर कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान सिम्स प्रशासन ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है। जानकारी के अनुसार कोटा क्षेत्र के करगीकला की रहने वाली गिरजा साहू (24) पति बद्री साहू के गर्भ में पांच माह का बच्चा पल रहा था। इस बीच गुरुवार को उसके पेट में दर्द हुआ, तब वो अपने पति के साथ इलाज कराने के लिए सिम्स आई थी, जहां उसे भर्ती किया गया।

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