गरियाबंद। राजनेता अक्सर कुर्सी संभालने के दौरान गंगाजल का इस्तेमाल करते हैं। रायपुर में भी मेयर मीनल चौबे ने महापौर की कुसी संभालने के पूर्व कार्यालय का गंगा जल से शुद्धिकरण कराया, मगर गरियाबंद के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने चेंबर में प्रवेश से पहले अपने कार्यालय में हवन पूजन के साथ ही गौ मूत्र से शुद्धिकरण कराया। नई पारी की शुरुआत से पहले चेंबर में टेबल-कुर्सियों की दिशा भी वास्तु के हिसाब से बदल दी गई।

कार्यालय में प्रवेश से पहले कश्यप ने अपने आध्यात्मिक गुरु कथावाचक पंडित युवराज पांडेय से चेम्बर के भीतर हवन पूजन कराया, चेंबर में स्थापित मुख्य टेबल चेयर का दिशा उत्तर मुखी से पूर्व मुखी कराया। गौ मूत्र से चेंबर का शुद्धिकरण भी कराया गया। पंडित युवराज पांडेय ने तिलक और सर में पगड़ी बांध कर गौरी को नए चेयर में बिठाया।

होला अष्टक के चलते कार्यभार ग्रहण करने में देरी

दरअसल गौरी शंकर कश्यप ने शपथ लेने के बाद होला अष्टक के कारण चेंबर में प्रवेश नहीं किया था। पूजापाठ और गौमूत्र से कार्यालय शुद्धिकरण के बाद कार्य संभालते ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल के प्रथम सप्ताह को दिव्यांग जन के लिए समर्पित किया। सहायक अधिकारी नागेश से चर्चा कर सप्ताहिक कार्यक्रम तय किया गया। इस कार्यक्रम में ऐसे दिव्यांग जन जो पात्रता रखने के बावजूद सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

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नए जिला पंचायत अध्यक्ष ने ट्रॉय सायकल, मोटर ट्रॉय सायकल को इसी सप्ताह पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराने कहा. पेंशन, लोन स्वरोजगार जैसे योजनाओं से उन्हें जोड़ने के लिए हर आवश्यक कदम इसी सप्ताह में लेने के निर्देश दिए गए हैं।

आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए पहल

अध्यक्ष कश्यप ने कार्यभार संभालते ही अपने निर्वाचित क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। धूरुवागुड़ी डूमाघाट पीएम सड़क मार्ग में बांगटी नाला में जल्द पूल का निर्माण कराए जाने की बात कही।

दरअसल, क्षेत्र क्रमांक 9 में जन संपर्क के दरम्यान फरसरा के ग्रामीणों ने पूल के अभाव बारिश के दिनों में होने वाले समस्या को अवगत कराया था। जिपं अध्यक्ष ने पीएमजीएसवाय विभाग के एसडीओ कमलेश चंद्राकर से चर्चा कर पुलिया को प्राथमिकता रखकर कार्य करने के निर्देश दिया। एसडीओ ने उसे कार्ययोजना में शामिल कर आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दिया है। वहीं चकमाल में पेय जल समस्या के निराकरण के लिए पीएचई अधिकारियों को भी निर्देश दिया है।

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