रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय के द्वारा 21 और 22 मार्च को विकसित भारत @2047: प्रगति और विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और इंडियन इकोनॉमिक्स एसोशिएशन के सहयोग और नेशनल लॉ युनिवर्सिटी (त्रिपुरा), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ युनिवर्सिटी (नया रायपुर), कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय(रायपुर), सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय(कलकत्ता), शासकीय राजमोहिनी देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय (अम्बिकापुर), शासकीय दूधाधारी संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय (रायपुर) के अकादमिक सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। ये प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए कलिंगा विश्वविद्यालय के साथ सहयोग कर रहा है।

यह आयोजन भारत के स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष विकसित भारत@2047 तक एक विकसित राष्ट्र में बदलने की दूरदर्शी पहल है। इस शिखर सम्मेलन में शिक्षा, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, वाणिज्य और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर विचार मंथन के लिए हुए देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख एक साथ आएंगे। इसमें कई तकनीकी सत्र, ब्रेकआउट सत्र और देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों द्वारा 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी, जिससे एक मजबूत ज्ञान विनिमय और नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म तैयार होगा।

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उद्घाटन समारोह में सीआईडीसी के महानिदेशक डॉ. पी. आर. स्वरूप, छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशालय के डॉ. जी. ए. घनश्याम अयंगर, सेवानिवृत्त आईएफएस डॉ. अरविंद अनिल बोअज़ और छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. आलोक देव सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।

चूंकि भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष के करीब पहुंच रहा है, इसलिए यह सम्मेलन देश के विकसित राष्ट्र बनने के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह कार्यक्रम एनएमडीसी, सागर, टीएमटी परफेक्ट टूल एंड मशीनरी, सद्भावना अस्पताल और एसटीसी द्वारा सह-संचालित है।