Waqf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bil) पेश हो गया है। इस बिल के पेश होते ही कांग्रेस ने लोकसभा में हंगामा करना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उन्हें कल (1 अप्रैल) को दोपहर में बिल मिला था, जिस वजह से उन्हें संशोधन देखने का समय नहीं मिला।

कांग्रेस के लगाए इस आरोप पर गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत खड़े जवाब दिया।

के.सी. वेणुगोपाल ने जताई आपत्ति

लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “इस तरह का बिल (वक्फ संशोधन विधेयक) जिसे आप सदन में ला रहे हैं, कम से कम सदस्यों को संशोधन करने का अधिकार तो होना चाहिए। आप कानून को जबरन थोप रहे हैं। आपको संशोधन के लिए समय देना चाहिए. संशोधन के लिए कई प्रावधान हैं।”

गृह मंत्री अमित शाह ने दिया जवाब

के.सी. वेणुगोपाल के इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा, ‘जो पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया गया है, मैं उसकी मुख्य बात सदन के सामने रखना चाहता हूं। भारत सरकार की कैबिनेट ने एक बिल को मंजूरी देकर सदन में पेश किया। इसे जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजा गया, जिसका विपक्ष ने भी आग्रह किया था। कमेटी ने इस बिल पर विचार कर अपनी राय दी। फिर यह राय दोबारा कैबिनेट के पास भेजी गई। कैबिनेट ने JPC के सुझावों को स्वीकार किया और संशोधन के रूप में किरण रिजिजू ने इसे सदन में पेश किया। यह तभी संभव होता है जब कैबिनेट इसकी मंजूरी दे इसलिए मैं नहीं मानता कि इसमें कोई पॉइंट ऑफ ऑर्डर है। यह आपका ही आग्रह था कि JPC बनाई जाए। अगर कमेटी कोई बदलाव ही न करे, तो इसका क्या मतलब? हमारी कमेटी कांग्रेस की तरह सिर्फ मुहर लगाने का काम नहीं करती, बल्कि चर्चा करके सही निर्णय लेती है और जरूरी बदलाव करती है।’

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वक्फ बिल कैसे ‘उम्मीद’, समझ नहीं आया- अखिलेश

Waqf Amendment Bill 2025: अखिलेश यादव ने कहा कि बड़ी आबादी के लिए एक और बिल आया है। जो बिल पेश हुआ है, उसको जितना समझ पा रहा हूं, मंत्री जी ने कहा कि उम्मीद है ये। हिंदी या अंग्रेजी में भी नहीं समझ पा रहा हूं। जो पार्टी ये कहती हो कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाए अभी तक। बीजेपी क्या है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अखिलेश जी ने हंसते-हंसते कहा है, हंसते-हंसते ही जवाब दे रहा हूं। आपको पांच लोगों में ही अध्यक्ष चुनना है, परिवार से, हमें करोड़ों लोगों में से चुनना है तो समय लगता है। मैं कहता हूं आप अभी 25 साल तक अध्यक्ष हो जाओ। इस पर अखिलेश ने कहा कि नाकामी का ये पर्दा है वक्फ बिल। नाकामी बेरोजगारी, महंगाई, किसान की आय दोगुनी नहीं कर पाए।

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मुतवल्ली ट्रस्ट के मैनेजर, मालिक नहीं- रविशंकर प्रसाद

Waqf Amendment Bill 2025 : भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं विपक्ष की बात सुन रहा था, कह रहे थे। वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए, लेकिन नहीं भी होना चाहिए। ये कैसे हो सकता है। जब भी संविधान की बात आती है तो आजकल एक लाल किताब चल रही है। हम संविधान की हरी किताब लेकर आए हैं। संविधान में लिखा है कि महिलाओं के विकास के लिए कानून बनाया जा सकता है। संविधान की दुहाई का जवाब में संविधान से ही दे रहा हूं। महिलाओं के लिए संशोधन किया जा रहा है तो यह बिल असंवैधानिक कैसे है? मैं बिहार से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं। यूपी में भी हैं। उन्हें वक्फ के मैनेजमेंट का मौका नहीं मिलता। इस बिल में इसका जिक्र है कि वक्फ में पिछड़े मुसलमानों को जगह दी जाएगी तो इन्हें परेशानी क्यों है?

वक्फ में परिवर्तन मौलिक अधिकारों के धारा 15 के तहत ही की जा रही है। वक्फ के मायने क्या हैं? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, यह सिर्फ वैधानिक संस्था है। मुतवल्ली को सिर्फ मैनेजर बोलते हैं। एक किताब है मुस्लिम लॉ पर। इसका एक पैराग्राफ है- मुतवल्ली के पास वक्फ की प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है, उसका सिर्फ मैनेजर हैं। वे ट्रस्ट के मालिक नहीं हैं।

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रिजिजू ने सदन को गुमराह किया : गौरव गोगोई

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने भाषण में सदन को गुमराह किया है। उनकी सरकार समाज और देश को बांटना चाहती है। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि गौरव गोगोई बताएं कि मैंने सदन को कहां गुमराह किया। आप बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते है। इससे पहले रिजिजू ने कहा कि मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो। मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ।

गौरव गोगोई ने कहा कि इस बिल से संविधान को कमज़ोर करने की कोशिश हो रही है। आज सरकार को हमें अपने धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा।

संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक प्रोस्पेक्टिव है। यानी भविष्योन्मुखी है। यह रेट्रोस्पेक्टिव नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि आप सीएए पर गुमराह करते थे। क्या किसी मुस्लिम की नागरिकता छीनी गई? क्या आप झूठ बोलने के लिए माफ़ी मांगेंगे? आप फिर से गुमराह कर रहे हैं। हम मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को उनका हक देकर बड़े सुधार ला रहे हैं। हमने यह स्वीकार कर लिया है कि यदि सरकारी भूमि पर विवाद उत्पन्न होता है तो कलेक्टर से ऊपर का अधिकारी निर्णय लेगा।