नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स हैंडल को ब्लॉक कर दिया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए।

भारत ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका है, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाइयों की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को “निर्दोष नागरिकों पर कायराना कृत्य” करार देते हुए बुधवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

हफ्ते भर में दूतावास खाली करने का आदेश
बैठक के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति (पर्सोना नॉन ग्राटा) घोषित कर दिया है। इन अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग से रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया है। दोनों पक्षों से इन पदों से जुड़े पांच सहायक कर्मचारियों को भी वापस बुलाया जाएगा। इसके अलावा, भारत ने 1960 के सिंधु जल संधि को निलंबित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, यह निलंबन जारी रहेगा। भारत ने दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण स्थलीय मार्ग अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है।
एक मई तक वापस लौट जाएं पाकिस्तानी
भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों, जिनके पास वैध यात्रा दस्तावेज हैं, को 1 मई 2025 तक आईसीपी के माध्यम से स्वदेश लौटने का निर्देश दिया गया है। इस तारीख के बाद दोनों देशों के बीच सभी स्थलीय यात्रा अनिश्चितकाल के लिए निलंबित रहेगी। इसके साथ ही, सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस योजना के तहत जारी सभी वीजा रद्द कर दिए गए हैं, और इस योजना के तहत भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।