रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाक की ओर से जंग की धमकियों के बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय में आज (मंगलवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अहम बैठक हो रही है।

गृह मंत्रालय के निर्देश पर, देशभर में 7 मई (कल) को 244 स्थानों पर इमरजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जो कि आपातकालीन तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जम्मू कश्मीर में 20 स्थानों समेत सीमा से जुड़े इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ इस मॉक ड्रिल को लेकर बैठक की है। वहीं, पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की दिशा में रणनीतियां बनाई जा रही हैं, जिसमें सीमा पर सुरक्षा बढ़ाना और पाकिस्तान में जल संकट पैदा करने के लिए पानी की सप्लाई को रोकना शामिल है।

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को यह दावा किया कि भारत नियंत्रण रेखा (LoC) पर किसी भी समय सैन्य कार्रवाई कर सकता है और उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

मॉक ड्रिल के प्रमुख उद्देश्य:

  • हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन किया जाएगा।
  • नागरिकों, छात्रों आदि को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
  • ब्लैकआउट उपायों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दुश्मन को कोई लक्ष्य न दिखे।
  • महत्वपूर्ण संयंत्रों और ठिकानों को छिपाने की तैयारी की जाएगी।
  • निकासी योजना को अद्यतन किया जाएगा और उसका पूर्वाभ्यास कराया जाएगा।
  • नागरिक सुरक्षा सेवाओं की सक्रियता और प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी, जिसमें अग्निशमन, बचाव अभियान, और डिपो प्रबंधन शामिल है।

मॉक ड्रिल में शामिल महत्वपूर्ण अभ्यास:

  • हवाई हमले (एयर रेड) चेतावनी सायरन का परीक्षण।
  • नागरिकों और छात्रों को सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण।
  • ब्लैकआउट और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी।
  • निकासी योजनाओं का अभ्यास और उसे अद्यतन करना।
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यह मॉक ड्रिल भारतीय सुरक्षा तंत्र की तत्परता को परखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। विशेष रूप से पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर भारत की रणनीतियों को बल मिल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद की तैयारियों को लेकर मुलाकात हुई, जिसमें भारत की सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा की गई।