जीपीएम। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज जिले के प्रवास के दौरान यहां संचालित शराब की दुकान का निरीक्षण करने पहुंच गए। पूछने पर मंत्री ने बताया कि दुकान में शराब सही ब्रांड की मिल रही है कि नहीं चेक करने के लिए गए थे। हालांकि मंत्री के इस तरह शराब दुकान के निरीक्षण करने की लोग तरह-तरह से आलोचना कर रहे हैं।

दरअसल अपने प्रभार वाले जिले के दौरे पर गए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पूरे दल-बल के साथ शराब की दुकान पर पहुंचे थे। संभवतः उन्हें किसी कार्यकर्त्ता ने शराब की बिक्री को लेकर शिकायत की होगी, जिसके बाद वे सीधे शराब की दुकान में पहुंच गए।

शिकायतें दवा की हैं, और स्वास्थ्य मंत्री…

अपने जीपीएम दौरे को लेकर मंत्री जायसवाल ने अलग-अलग ट्वीट किया है। इसीमें उन्होंने शराब दुकान का निरीक्षण करने संबंधी पोस्ट भी डाला है। इस पोस्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रीट्वीट करते हुए लिखा है-

See also  जुलाई आ गया, वैक्सीन नहीं आई: राहुल के तंज पर स्वास्थ्य मंत्री का करारा जवाब कहा- अज्ञानता के वायरस की कोई वैक्सीन नहीं

“शिकायतें दवा की हैं, दवा में कमीशन की हैं पर स्वास्थ्य मंत्री दारू दुकान का औचक निरीक्षण कर रहे हैं!!!”

‘सुशासन तिहार चकाचक चल रहा है‌।’

सोशल मीडिया में हुए ट्रोल

स्वास्थ्य मंत्री का इस तरह शराब दुकान का निरीक्षण करने पहुंचना लोगों को अटपट लग रहा है। वर्तमान में प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और केमिकल की खरीदी में अरबों के भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है और उन्हें शराब दुकानों की पड़ी है। सोशल मीडिया में उनके इस दौरे पर टिप्पणी करते हुए लिखा गया है कि अस्पतालों में बंट रही फंगस युक्त खराब दवाइयों से ज्यादा चिंता इन्हें शराब की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को शराब दुकान पहुंचकर जांच करने की फुर्सत है, परंतु प्रदेश के कई अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही खराब व अमानक दवाइयों को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है। भले ही खराब दवाई खाकर आदमी मर जाए, पर दारू मिलावटी नहीं होना चाहिए, दारू पीने वाला जिंदा रहना चाहिए, क्योंकि उसका जिंदा रहना छत्तीसगढ़ राज्य, सरकार, मंत्री और नेताओं के हित में है
सरकारी अस्पतालों में फंगस लगी दवाइयां और मंत्री जी ब्रांड की चेक करने में लगे है। इस टिप्पणी के साथ ही उस पर कमेंट करने वालों की कतार लग गई है। लोग तरह-तरह के कमेंट करके मजे ले रहे हैं।

See also  Demand for ordinance on tribal reservation - 2 नहीं 10 दिन के सत्र में करें सरकार चर्चा